नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री कोल्लू रविंद्र ने हाल ही में कहा है कि सरकार खानिज स्रोतों की खोज-खबर के कार्यों को तेज कर रही है। उन्होंने बताया कि सोने, बीच सैंड खनिज, लोहा अयस्क और मैंगनीज की खोज को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और चित्तूर जिलों में सोने के भंडार की पहचान की गई है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बल मिलने की उम्मीद है। वे आगे बताते हैं कि खानिज खनन क्षेत्र में 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित किया है, ताकि देश की आर्थिक मजबूती और स्वदेशी संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो सके।
सरकार द्वारा संचालित यह योजना न केवल खनिज निष्कर्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। इसके तहत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर खनिजों की सुरक्षित और सतत खोज-खबर को सुनिश्चित किया जाएगा।
कोल्लू रविंद्र ने यह भी बताया कि वर्तमान में सोने की खोज में कई नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिनका इस्तेमाल करके देश की खनिज संपदा को और विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही बीच सैंड के खनन से संबंधित क्षेत्रीय विकास में तेजी आएगी जिससे स्थानीय उद्योगों को भी लाभ होगा।
मंत्री के अनुसार, लोहा अयस्क और मैंगनीज के भंडार भी विभिन्न हिस्सों में सक्रिय रूप से खोजे जा रहे हैं, जिनसे भारतीय स्टील और अन्य उद्योगों की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। यह नीति न केवल आर्थिक समृद्धि बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा को भी ध्यान में रखते हुए खनन कार्यों को संचालित करेगी।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से भारत का खनन क्षेत्र वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित होगा और निवेशकों की रुचि बढ़ेगी। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा मिलकर काम करने से यह लक्ष्य तेजी से साकार होगा।
अंत में, मंत्री कोल्लू रविंद्र ने आम जनता से इस पहल में सहयोग का आह्वान किया और कहा कि यह योजना क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।














