मुंबई। शिव सेना (यूबीटी) के बागी सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर ने सोमवार को अपनी पार्टी छोड़ने के फैसले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उनका यह कदम नाराजगी या किसी व्यक्तिगत असंतोष के कारण नहीं है, बल्कि 18 जून को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद पार्टी के प्रति भरोसे की कमी हुई।
नागेश पाटिल अष्टिकर ने संवाददाताओं से बातचीत में स्पष्ट किया कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के प्रति उनका कोई भी व्यक्तिगत असंतोष नहीं है। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेद और विश्वास की कमी ही उनके इस फैसले के मुख्य कारण हैं। सांसद ने कहा कि वे पार्टी के साथ जुड़े मुद्दों पर पूरी भूीखमरी और ईमानदारी से काम करते रहे, लेकिन हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पारदर्शिता और विश्वसनीयता की भावना कम हो गई है।
पाटिल अष्टिकर ने बताया कि 18 जून की बैठक में हुई चर्चाओं और निर्णयों ने उनके लिए चिंता के कई विषय प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक संगठन के भीतर विश्वास समाप्त हो जाता है, तब नेतृत्व को चुनौती मिलती है और ऐसे में पार्टी के मिशन और जनता के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है।
इस खबर से शिव सेना (यूबीटी) की राजनीतिक स्थिरता और आगामी चुनावों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी के लिए अपने भीतर मौजूद मतभेदों का समाधान निकालना आवश्यक हो गया है, ताकि राजनीतिक छवि और जनसमर्थन दोनों को बचाया जा सके।
वहीं, पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं कर पाए हैं। इस दौरान शिव सेना (यूबीटी) की वर्तमान स्थिति और भविष्य की राह को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
इस मामले पर और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए संवाददाता संपर्क जारी रखेंगे।














