देश की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी ONGC ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के परिणाम आने के बाद ब्रोकरेज फर्म PL Capital ने ONGC पर अपनी ‘Accumulate’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को 309 रुपये से घटाकर 297 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में मजबूती दिखी है, लेकिन उत्पादन में लगातार गिरावट चिंता का विषय बनी हुई है।
कंपनी के मुताबिक, चौथी तिमाही में ONGC का रेवेन्यू तिमाही आधार पर करीब 13.9 प्रतिशत बढ़कर 359.3 अरब रुपये पहुंच गया। वहीं, एडजस्टेड नेट प्रॉफिट यानी शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 73 अरब रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में मुनाफे में 17.2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तिमाही में कच्चे तेल की कीमतों में सुधार का सीधा फायदा कंपनी को मिला। ONGC को औसतन 78.3 डॉलर प्रति बैरल का क्रूड रियलाइजेशन प्राप्त हुआ, जो पिछली तिमाही के 61.6 डॉलर प्रति बैरल से काफी अधिक है। बेहतर क्रूड प्राइसिंग की वजह से कंपनी की आय मजबूत बनी रही।
हालांकि, उत्पादन के मोर्चे पर तस्वीर ज्यादा उत्साहजनक नहीं रही। कंपनी की स्टैंडअलोन बिक्री मात्रा में सालाना आधार पर 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल का उत्पादन 4.7 MMT रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 5.7 प्रतिशत कम है। वहीं, गैस उत्पादन में भी 2.3 प्रतिशत की कमी आई है।
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि उत्पादन में कमजोरी ONGC के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी वजह से टारगेट प्राइस में कटौती की गई है। हालांकि, कंपनी की भविष्य की योजनाएं निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत देती हैं।
ONGC अब गैस कारोबार पर ज्यादा फोकस कर रही है। कंपनी आने वाले समय में लगभग 500 नए कुओं की खुदाई करने की योजना बना रही है, जिनमें 400 डेवलपमेंट वेल शामिल होंगे। इसके अलावा, ‘न्यू वेल गैस’ (NWG) की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है और वित्त वर्ष 2026 में यह कुल गैस बिक्री का 21 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए 300 से 320 अरब रुपये के कैपेक्स का अनुमान भी दिया है। माना जा रहा है कि KG-98/2 जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स से भविष्य में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ONGC का शेयर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अब भी आकर्षक माना जा सकता है। हालांकि, उत्पादन में सुधार कंपनी के प्रदर्शन के लिए बेहद अहम होगा। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।















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