New Delhi

Happy 75th Independence Day to the people of India- Dr Hina Mazhar

Paigam e Watan

Each nation has its own message.

If there is peace, then only rest is rest.

Why don’t those who do understand the difference among themselves?

Peace is the second name of humanity.

There is no wealth in the era more
than this.

Peace is the biggest reward for the
world.

Understand that the quality of the
country is Amno Etihad.

Otherwise it is the evening of
oppression in the country.

Whichever country is destined to have
neither of these two.

See for yourself what is the result of
that country.

That’s why I say this, friends, again
and again.

Keeping peace is the job of every
countryman in the country.

If you come in bad mood, then let us
think about this.

This murder of his own Deerina Rawayat
is common.

This year we Indians are going to
celebrate our 75th Independence Day.

Have we Indians forgotten everything about our revolutionaries?
Mangal Pandey, Khudiram Bose, Shaheed Bhagat Singh, Sukhdev Thapar, Bal Gangadhar Tilak, Veer Abdul Hameed, Ashfaq Ullah Khan, Chandrashekhar Azad, Mahatma Gandhi, Pandit Jawaharlal Nehru, Subhas Chandra Bose, Lakshmi Sehgal, Mrs. Bhikaji Rustom Cama, Rani Laxmibai, Thousands of people like Gulab Kaur, Sarojini Naidu, Rani Chennamma laid down their lives on us Indians, our ancestors, our revolutionaries, caste religion, high and low, poor, rich, Muslim, Hindu, apartheid, keeping everything on the side, the message of unity and collection India was given freedom by making bullets on chest It is as if our ancestors had given us as a gift, it is a matter of thinking that this message of mine is for the whole of India, whoever reaches this message, they must consider it once, is this the same India that our revolutionaries went to freedom, is it the same India is what we got as a gift In how many parts have we all divided it, in how many religions we have divided it in how many riots, how many riots have we kept among ourselves, would our revolutionaries have done this, would India have become free, would there be so much factionalism in India at the time of independence? If done, India could have been free, our national anthem inspires us, every word teaches us, praises us, praises our states, praises the rivers flowing in our country, we praise the heroes till ages That is why we all should live in unity, we should never quarrel in the name of religion because our ancestors have not taught us this at all, so we should also live together intelligently with restraint from unity.

Jai Hind Jai Bharat Jai Education

भारत वासियों को 75 वे स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं- डॉ हिना मज़हर

पैगाम ए वतन

हर वतन वाले को अपना एक ही पैगाम है।

अमन कायम है तो बस आराम ही आराम है।।

करने वाले फर्क आपस में समझते क्यों नहीं।

अमन ही तो दूसरा इंसानियत का नाम है।।

इससे बढ़-चढ़कर जमाने में कोई दौलत नहीं।

अमन दुनिया के लिए सबसे बड़ा इनाम है।।

यह समझ लो मुल्क की कुव्वत है अमनो इतिहाद।

यह नहीं तो मुल्क में ज़ुल्मो सितम की शाम है।।

जिस किसी भी मुल्क की किस्मत में यह दोनों नहीं।

देख लो खुद ही कि क्या उस मुल्क का अंजाम है।।

इसलिए कहती हूं मैं ऐ दोस्तों यह बार-बार।

अमन रखना मुल्क में हर मुल्क वाले का काम है।।

आये बदअमनी तसव्वुर में तो हम ये सोच ले।

अपनी देरीना रवायत का ये कत्ले आम है।।

इस साल हम भारतवासी अपना 75 वा स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे हैं। क्या हम भारतवासी अपने क्रांतिकारियों के बारे में सब कुछ भूल बैठे हैं।
मंगल पांडे , खुदीराम बोस, शहीद भगत सिंह, सुखदेव थापर , बाल गंगाधर तिलक, वीर अब्दुल हमीद, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आज़ाद, महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस , लक्ष्मी सहगल ,श्रीमती भिकाजी रुस्तम कामा, रानी लक्ष्मीबाई, गुलाब कौर ,सरोजिनी नायडू, रानी चेन्नम्मा जैसे हजारों लोगों ने हम भारतवासियों पर अपनी जान की बाजी लगा दी हमारे पूर्वजों ने हमारे क्रांतिकारियों ने जाति धर्म ऊंच-नीच गरीब अमीर मुस्लिम हिंदू रंग भेद हर चीज को साइड में रख कर एकता का पैगाम और संग्रह बनाकर भारत को आज़ादी दिलाई थी सीने पर गोलियां खाई फांसी के फंदे पर झूले न जाने कितने अपनो ने अपने प्राणों की आहुति दी न जाने कितने छोटे बड़े जमीनों में यूं ही दफना दिए गए उनके बलिदान का जवाब है किसी के पास क्या यह भारत आज भी बैसा है जैसा हमारे पूर्वजों ने हमें तोहफे में दिया था सोचने की बात है मेरा यह संदेश पूरे भारत वासियों के लिए है जिसके पास भी ये संदेश पहुंचे वह एक बार जरूर गौर करें क्या यह वही भारत है जो हमारे क्रांतिकारी आज़ाद कराकर गए क्या यह वही भारत है जो हमें तोहफे में मिला था सोच कर फैसला करना भारत को आज कितने हिस्सों में हम सब ने बांट रखा है कितने धर्मों में इसको बांट रखा है कितने दंगों में इसको बांट रखा है कितने फसाद आपस में खड़े कर रखे हैं क्या हमारी क्रांतिकारी ऐसा करते तो भारत आज़ाद हो पाता क्या भारत में इतनी गुटबाजी आज़ादी के वक्त में की जाती तो भारत आज़ाद हो सकता था हमारा राष्ट्रीय गान हमें प्रेरणा देता है एक एक शब्द हमें सिखाता है हमारी तारीफ करता है हमारे राज्यों की तारीफ करता है हमारे देश में बहने वाली नदियों की तारीफ करता है हम वीरों की तारीफ करता है युगो युगो तक करता रहेगा इसलिए हम सबको एकता से ही रहना चाहिए धर्म के नाम पर तो कभी झगड़ना ही नहीं चाहिए क्योंकि हमारे पूर्वज हमें यह बिल्कुल नहीं सिखा कर गए हैं इसलिए हमें भी एकता से संयम से समझदारी से आपस में मिल जुल कर रहना चाहिए।

जय हिंद जय भारत जय शिक्षा

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Mazhar Iqbal

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