कोच्चि में स्थित गायिका और गीतकार हनिया नफीसा ने हाल ही में अपने नए अल्बम के बारे में विस्तार से बातचीत की। उन्होंने संगीत की विभिन्न शैलियों के साथ प्रयोग करने के अपने अनुभव, साथ ही अन्य कलाकारों के साथ सहयोग और संगीत निर्माता के रूप में अपनी पहचान खोजने की प्रक्रिया पर खुलकर चर्चा की।
हनिया नफीसा का कहना है कि उनके लिए संगीत केवल एक शौक नहीं है, बल्कि यह आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी नई रचनाओं में विभिन्न संगीत शैलियों को मिलाकर एक अलग और समृद्ध ध्वनि पैदा करने की कोशिश की है। यह अवसर उनके लिए चुनौतीपूर्ण तो था, लेकिन उन्होंने इसे सीखने और बढ़ने का एक बेहतरीन मौका माना।
दूसरी ओर, हनिया ने कहा कि उन्होंने अपने संगीत निर्माण में साथी कलाकारों के साथ काम कर बहुत कुछ सीखा है। “हर कलाकार अपने तरीके से विशिष्ट होता है, और उनसे सहयोग करना मेरे लिए नई दिशाओं को खोलने जैसा रहा,” उन्होंने कहा। इस सहयोग ने उनकी संगीत की समझ को और गहरा किया है और उनके अल्बम को एक नई ऊर्जा प्रदान की है।
अपने स्वयं के संगीत निर्माता के रूप में भी हनिया ने अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि प्रोड्यूसर के रूप में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था, लेकिन यह सफर उनके लिए बहुत संतोषजनक रहा। संगीत के हर पहलू पर नियंत्रण रखने से उन्हें अपनी कला को पूरी तरह से व्यक्त करने का मौका मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि कोच्चि के संस्कृति और संगीत परिदृश्य ने उन्हें बहुमुखी बनाने में मदद की है। कन्नूर बोली में गायिकी ने उनके संगीत में स्थानीय रंग और आत्मीयता जोड़ी है, जो श्रोताओं के दिल को छूती है।
हनिया नफीसा का यह मानना है कि संगीत का भविष्य कलाकारों के बीच सहयोग और निरंतर प्रयोगों में निहित है। उनकी इस सोच ने उन्हें इंडी संगीत के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।
कुल मिलाकर, हनिया नफीसा की कहानी संगीत के प्रति समर्पण, तब्दीलियों को अपनाने और स्वयं की खोज की प्रेरणा देती है। उनके प्रशंसक आगे भी उनके नए प्रोजेक्ट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।














