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सरकार ने कोचीन शिपयार्ड में 5% हिस्सेदारी ₹1,400 प्रति शेयर की दर से OFS के जरिए बेचेगी

Govt to sell 5% stake in Cochin Shipyard at ₹1,400/share via OFS

नई दिल्ली, 7 जुलाई 2026: भारतीय सरकार ने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में 5% हिस्सेदारी का ऑफर फॉर सेल (OFS) आगामी जुलाई में खुलने की घोषणा की है। इस बिक्री के तहत प्रत्येक शेयर की कीमत ₹1,400 रखी गई है। OFS की प्रक्रिया 7 जुलाई 2026 को गैर-रिटेल निवेशकों के लिए शुरू होगी, जबकि रिटेल निवेशक 8 जुलाई 2026 से बोली लगा सकेंगे।

कोचीन शिपयार्ड, जो देश के प्रमुख शिपबिल्डिंग और मरीन इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अग्रणी संस्थान है, में सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से सेक्टर में निजी निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना है। यह कदम न केवल कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिरता को भी बढ़ावा देगा।

गैर-रिटेल निवेशकों के लिए 7 जुलाई का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि वे पहले दिन ही अपनी बोली लगा पाएंगे। वहीं, छोटे निवेशक या रिटेल निवेशक एक दिन बाद 8 जुलाई से इस प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। यह व्यवस्था सभी वर्गों के निवेशकों को समान अवसर प्रदान करती है।

सरकार की यह बिक्री रणनीति भारत में पूंजी बाजार को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक उपक्रमों में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोचीन शिपयार्ड की हिस्सेदारी में निवेश करने से मरीन उद्योग में दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं मजबूत होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि निर्धारित मूल्य ₹1,400 प्रति शेयर बाजार के वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखकर उचित और आकर्षक है।

पिछले कुछ वर्षों में कोचीन शिपयार्ड ने कई प्रमुख परियोजनाओं में सफलता हासिल की है और उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बना दिया है। इस OFS के माध्यम से सरकार को प्राप्त होने वाली धनराशि का उपयोग अन्य सार्वजनिक योजनाओं में किया जाएगा।

निवेशक सलाह दी जाती है कि वे इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं और अपने निवेश निर्णय लेने से पहले विस्तृत जानकारी और वित्तीय सलाह अवश्य प्राप्त करें। कंपनी के शेयरों में संभावित उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ निवेश करना महत्वपूर्ण होगा।

कैसे भाग लें OFS में? गैर-रिटेल और रिटेल निवेशक अपनी-अपनी तिथियों पर अपने ब्रोकरेज खातों के माध्यम से बोली लगा सकेंगे। बोली प्रक्रिया के विनियम और शर्तें SEBI और संबंधित संस्थानों द्वारा निर्धारित की गई हैं, जिनका पालन करना अंतिम निवेशक के लिए अनिवार्य होगा।

इस तरह, कोचीन शिपयार्ड में 5% हिस्सेदारी की बिक्री बाजार में दिलचस्पी और सक्रियता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सौंपती है, जो देश के समुद्री उद्योग विकास में नई ऊर्जा जोड़ेगा।

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