चennai, 27 अप्रैल: मशहूर निर्देशक सुधा कॉंगरा ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख करते हुए अपनी आगामी फिल्म ‘इदायम मुरली’ की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका दायर की है। उनका दावा है कि यह कदम इसलिए आवश्यक है क्योंकि उन्हें अभिनेता शिवकार्तिकेयन की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘परासक्ती’ के निर्देशन के एवज में ₹8.39 करोड़ की लंबित राशि अभी तक भुगतान नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, सुधा कॉंगरा ने कोर्ट में बताया है कि ‘परासक्ती’ फिल्म के लिए उन्होंने अपना मेहनताना न केवल तय समय के अनुसार माँगा, बल्कि कई बार संबंधित पक्षों से संपर्क कर राशि की मांग की, परंतु भुगतान करने में देरी होती रही, जिससे वे वित्तीय रूप से कठिनाई का सामना कर रही हैं।
इस विवाद का निपटारा न होने तक सुधा ने ‘इदायम मुरली’ फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि दर्शकों और वितरकों को हुई संभावित वित्तीय हानि से बचाया जा सके। इस फिल्म के रिलीज़ की तारीख करीब होने के कारण यह विवाद फिल्म उद्योग में चर्चा का विषय बन गया है।
मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की और सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। अदालत ने याचिकाकर्ता और विपक्ष दोनों से जल्द ही पूर्ण जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
फिल्म जगत के जानकारों के अनुसार, ऐसे भुगतान विवाद न केवल कलाकारों और निर्देशकों के बीच समस्या उत्पन्न करते हैं, बल्कि फिल्म की रिलीज़ पर भी असर डालते हैं, जो पूरे टीम के लिए चिंता का विषय होता है। सुधा कॉंगरा, जो पहले भी अपनी फिल्मों के कारण प्रशंसित रही हैं, इस बार भी अपनी आर्थिक सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठा रही हैं।
सुधा कॉंगरा की इस याचिका ने तमिल फिल्म उद्योग में पैसों से जुड़े समझौतों की पारदर्शिता पर एक बार फिर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। कई अन्य कलाकार और तकनीशियन भी ऐसे लंबित भुगतान से जूझ रहे हैं, जिससे फिल्म उद्योग की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता महसूस होती है।
यह मामला आगे कैसे बढ़ता है, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन फिलहाल यह विवाद ‘परासक्ती’ और ‘इदायम मुरली’ फिल्मों से जुड़ी दोनों टीमों के लिए चुनौती बनकर सामने आया है।
हमारी टीम इस मामले पर अपडेट्स लेकर आते रहेगी। दर्शकों और फिल्म उद्योग के हितकर्ताओं से आग्रह है कि वे इस प्रक्रिया का सम्मान करें और दोनों पक्षों के समाधान का इंतजार करें।















