गांधीनगर: गुजरात सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘पीएम फैमिली केयर ट्रैकर’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रारंभ किया है। यह परियोजना एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गांधीनगर से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, शिशुओं, बच्चों और 18 वर्ष तक के युवकों की सेहत, पोषण और कल्याण सेवाओं का समन्वित ट्रैकिंग और निगरानी करना है।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का लक्ष्य विभिन्न सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और स्वास्थ्य संबंधित जानकारियों को केंद्रित रूप से प्रबंधित करना है। इससे माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए आवश्यक कदम समय पर उठाए जा सकेंगे।
गुजरात सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायक साबित होगी। पीएम फैमिली केयर ट्रैकर के तहत गर्भवती महिलाओं का गर्भकालीन स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और जांच के रिकॉर्ड सटीक तरीके से बनाए जाएंगे। नवजात शिशुओं और बच्चों के विकास-पथ, टीकाकरण, पोषण स्तर, और स्वास्थ्य संबंधित अन्य जानकारियां भी डिजिटल रूप में दर्ज की जाएंगी।
इस पहल के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे इस प्लेटफॉर्म का भरपूर उपयोग कर सकें। डिजिटल ट्रैकिंग से न केवल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी अधिक पारदर्शी और प्रभावकारी बनेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम फैमिली केयर ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरण देश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। गुजरात में इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की योजना है।
सरकार के इस प्रयास से माताओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सम्बन्धी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक लाभ होंगे। यह पहल प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (PMJAY) की तरह डिजिटल इंडिया अभियान के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखी जा रही है।














