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WhatsApp का सबसे बड़ा बाज़ार India

भारत के संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक बयान में कहा कि सरकार WhatsApp पर नागरिकों की निजता के उल्लंघन को लेकर चिंतित है. उन्होंने कहा कि सरकार, सभी भारतीय नागरिकों की निजता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.व्हाट्सऐप ने बुधवार को एनएसओ समूह के ख़िलाफ़ यह मामला दर्ज कराया कि ये समूह अप्रैल और मई में हुए उस साइबर हमले के पीछे है. हालांकि निगरानी के लिए सॉफ्टवेयर बनाने वाली इस इसराइली कंपनी ने आरोपों को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है. भारत में व्हाट्सऐप के 40 करोड़ यूज़र्स हैं, लिहाजा भारत उनके लिए सबसे बड़ा बाज़ार है. मैसेजिंग ऐप की एक बड़ी खामी का फ़ायदा उठाकर हैकर्स ने फ़ोन और दूसरे उपकरणों में दूर बैठकर ही ये निगरानी सॉफ्टवेयर डाल दिया.
व्हाट्सऐप ने एक बयान में कहा, “हमे लगता है कि इस हमले में कम से कम सिविल सोसाइटी के 100 सदस्यों को निशाना बनाया गया है ,जो पहले नहीं देखा गया है.”
मई में साइबर अटैक का पता लगने के बाद, व्हाट्सऐप ने अपनी खामी को ठीक करने के लिए तुरंत कदम उठाया और उनके सिस्टम में “नए प्रोटेक्शन” और अपडटे्स जारी किए.
टोरेंटो स्थित वॉचडॉग सिटिज़न लैब के साइबर एक्सपर्ट ने मामलों की पहचान करने में व्हाट्सऐप की मदद की, जिसमें पता चला की जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उनमें मानवाधिकारों की वकालत करने वाले लोग या पत्रकार शामिल हैं.
सिटिज़न लैब ने कहा कि, “उसने 100 ऐसे मामलों की पहचान की है, जिसमें दुनियाभर के कम से कम 20 देशों के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को निशाना बनाया गया. ये अफ्रीका, एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अमरीका के रहने वाले हैं.”
जासूसी हो रही है WhatsApp से Indian पत्रकारों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की
मैसेजिंग ऐप, व्हाट्सऐप के मुताबिक इसराइल में बने स्पाईवेयर से दुनियाभर के जिन 14,00 लोगों को निशाना बनाया गया उनमें भारतीय पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हैं. जिन भारतीयों को निशाना बनाया गया उनमें भीमा कोरेगांव मामले में कई अभियुक्तों का प्रतिनिधित्व कर रहे मानवाधिकार वकील निहालसिंह राठौड़ भी हैं. उनके साथ ही कई अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता जैसे बेला भाटिया, वकील डिग्री प्रसाद चौहान, आनंद तेलतुंबड़े और पत्रकार सिद्धांत सिब्बल हैं.
प्रोफेसर व लेखक आनंद तेलतुंबड़े और नागपुर के मानवाधिकार कार्यकर्ता निहालसिंह राठौड़ ने दावा किया है कि उनकी जासूसी की जा रही थी. दोनों ने बीबीसी को बताया कि सिटिज़न लैब के रिसर्चर्स ने उनसे संपर्क किया था.
भविष्य में लाखों मोबाइल फ़ोन पर WhatsApp काम करना बंद कर देगा
ऐसा इसलिए होगा क्योंकि व्हाट्सऐप बहुत सारे पुराने फ़ोन से सपोर्ट ख़त्म करने जा रहा है.व्हाट्सऐप की मालिक कंपनी फ़ेसबुक ने इस बारे में एक बयान जारी कर कहा है, “एक फ़रवरी 2020 से iOS 8 या उससे पुराने वर्ज़न वाले सभी आईफ़ोन, और 2.3.7 या उससे पहले के वर्ज़न वाले एंड्रॉयड डिवाइसों पर व्हाट्सऐप नहीं चल सकेगा.”
कंपनी ने साथ ही कहा है कि विंडोज़ पर चलने वाले फ़ोनों पर 31 दिसंबर 2019 के बाद व्हाट्सऐप बंद हो जाएगा.माइक्रोसॉफ़्ट भी इसी महीने विंडोज़ 10 पर चलने वाले मोबाइल फ़ोन का सपोर्ट बंद करने वाला है.
कहाँ मिलेगी जानकारी?
व्हाट्सऐप ने अपनी वेबसाइट के FAQ सेक्शन में भी इस बात की जानकारी दी है.
वहाँ लिखा है कि पुराने वर्ज़न वाले एंड्रॉयड और आईफ़ोन पर 1 फ़रवरी, 2020 के बाद ना तो नए एकांउट खोले जा सकेंगे, ना ही मौजूदा एकांउट्स को री-वेरीफ़ाई किया जा सकेगा.
फ़ेसबुक ने व्हाट्सऐप को 2014 में 19 अरब डॉलर में ख़रीदा था. कंपनी व्हाट्सऐप को अपने दूसरे मेसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म मेसेंजर और इंस्टाग्राम के साथ इंटीग्रेट करना चाहती है.
व्हाट्सऐप के अनुसार दुनिया के 180 से ज़्यादा देशों के 1 अरब से ज़्यादा लोग उनके ऐप का इस्तेमाल करते हैं.

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