National

महाराष्ट्र बंद का ऐलान: छात्र आंदोलन के मुद्दे पर सक्रिय हुई महाविकास अघाड़ी, प्रकाश आंबेडकर की बंद की अपील

मुंबई, महाराष्ट्र

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन का असर अब महाराष्ट्र की राजनीति पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आंदोलन के मुद्दे पर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और कांग्रेस के नेताओं ने छात्र आंदोलन के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इसी बीच वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और छात्र आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए छात्रों की आवाज सुने जाने की बात कही। दूसरी ओर मुंबई में आदित्य ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली और राज्य स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने का प्रयास किया।

प्रकाश आंबेडकर ने महाराष्ट्र बंद की घोषणा करते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों से इसमें भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को इस संबंध में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। हालांकि विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से बंद को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा महाविकास अघाड़ी के लिए साझा राजनीतिक मंच तैयार करने का अवसर बन सकता है। पिछले कुछ समय से विपक्षी दल अलग-अलग मुद्दों पर सक्रिय थे, लेकिन छात्र आंदोलन ने उन्हें एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का मौका दिया है।

प्रकाश आंबेडकर इससे पहले भी भीमा-कोरेगांव हिंसा के बाद महाराष्ट्र बंद का आह्वान कर चुके हैं। उस दौरान राज्य के कई हिस्सों में व्यापक बंद देखने को मिला था और कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं भी हुई थीं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्र आंदोलन के मुद्दे पर राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी छात्र संगठनों की गतिविधियां बढ़ी हैं। कई संगठनों ने निष्पक्ष जांच, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है। वहीं राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी रणनीति के तहत जनता के बीच पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

फिलहाल महाराष्ट्र बंद के आह्वान को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है।

About the author

Login_Admin

Add Comment

Click here to post a comment

Follow us on facebook

Live Videos

Breaking News

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Our Visitor

0866423