नई दिल्ली। सीबीएसई के आधिकारिक अधिकारियों ने घोषणा की थी कि पुनर्मूल्यांकन पोर्टल संभवतः मध्यरात्रि से पहले चालू हो जाएगा, लेकिन अब तक यह सेवा जनता के लिए कार्यरत नहीं हुई है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र अपनी परीक्षाओं के मूल्यांकन की पुनरपरीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने परीक्षा परिणामों के बाद कई वादे किए थे कि वे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को सुविधाजनक और पारदर्शी बनाएंगे। परंतु, पोर्टल के निष्क्रिय रहने से छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ गया है।
सीबीएसई ने पहले यह कहा था कि तकनीकी कारणों से कुछ देरी हो सकती है, लेकिन अधिकारियों का यह भी कहना है कि सर्वर पर भारी ट्रैफिक की संभावना के कारण वे पेख कोशिश कर रहे हैं कि पोर्टल शुरू होने में और देरी न हो।
छात्रों का कहना है कि वे अपनी मार्किंग को लेकर असमंजस में हैं और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि एक सुचारू पोर्टल ही छात्रों के विश्वास को मजबूत कर सकता है।
वहीं, शिक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि तकनीकी टीम पोर्टल को लेकर निरंतर काम कर रही है और जल्द ही इसे सक्रिय कर दिया जाएगा। मंत्रालय की तरफ से छात्रों से धैर्य रखने का आग्रह किया गया है और कहा गया है कि वे आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
इस बीच, सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर छात्रों तथा अभिभावकों की आलोचनाएँ बढ़ती जा रही हैं। उनकी मांग है कि बोर्ड पुनर्मूल्यांकन पोर्टल जल्दी से चालू कराकर उनकी परेशानियों का समाधान करे।
इस स्थिति में छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण समय है क्योंकि पुनर्मूल्यांकन के लिए सीमित अवधि दी जाती है, और अगर पोर्टल समय पर चालू नहीं होगा तो कई छात्रों को इसका नुकसान हो सकता है।
अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले को प्राथमिकता देंगे और जल्द से जल्द पोर्टल पर पुनर्मूल्यांकन की सेवाएँ शुरू कर देंगे।














