Business Indian Journalist Association

मुंबई में सीएनजी की कीमतें ₹2 प्रति किग्रा बढ़ीं; पाईप्ड गैस दरों में भी वृद्धि

CNG prices hiked by ₹2/kg in Mumbai; piped gas rates also increased

मुंबई, 26 अप्रैल: मुंबई में आम जनता के लिए एक और आर्थिक चुनौती सामने आ गई है। शहर में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतें ₹2 प्रति किलो बढ़ा दी गई हैं। इसके अलावा, घरेलू पाईप्ड नेचुरल गैस (D-PNG) की दरों में भी ₹0.5 प्रति स्टैण्डर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की वृद्धि की गई है। इस वृद्धि का असर लाखों उपयोगकर्ताओं पर पड़ने की संभावना है।

सरकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि कई कारणों से आवश्यक हुई है, जिनमें कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वितरण खर्च में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की बढ़ती मांग शामिल हैं। मुंबई में सीएनजी का इस्तेमाल अधिकतर ऑटो रिक्शा, टैक्सी और परिवहन क्षेत्र में होता है, इसलिए यह बढ़ोतरी आम जनता के दैनिक परिवहन खर्च को सीधे प्रभावित करेगी।

वहीं, घरेलू पाईप्ड गैस की कीमत में भी 0.5 रुपये प्रति स्टैण्डर्ड क्यूबिक मीटर की वृद्धि सरकार द्वारा की गई है। इससे घरेलू उपयोग के लिए गैस पर खर्च बढ़ने के साथ ही उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतें सामान्य जीवन को महंगा कर रही हैं। उपभोक्ताओं को अपनी खपत और बजट के बारे में सोच-समझकर निर्णय लेने होंगे। सरकारी उपायों और सब्सिडी की जरूरत को लेकर भी कई सुझाव सामने आ रहे हैं ताकि जरूरी वस्तुओं पर बोझ कम किया जा सके।

मुंबई में सीएनजी और घरेलू पाईप्ड गैस की मूल्य वृद्धि के बाद, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के नेताओं और उपभोक्ता संगठन के प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। वे इस वृद्धि को आम जनता के लिए भारी नुकसानकरार दे रहे हैं और कदम वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

इससे पहले भी मुंबई में परिवहन और घरेलू गैस की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई है, परंतु अब की यह नई वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है। सरकार की ओर से आगामी कदमों पर नजर रखी जा रही है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और ऊर्जा बचत उपायों की ओर ध्यान देना चाहिए, जिससे खर्चों में संतुलन बनाया जा सके।

अंततः, मुंबई वासियों को इस मूल्य वृद्धि के प्रभाव से निपटने के लिए अपनी दिनचर्या और बजट में बदलाव करना पड़ सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों की सलाह है कि खर्चों की समीक्षा कर और जरूरत अनुसार बचत कर इस बदलाव का सामना किया जाए।

Source

Follow us on facebook

Live Videos

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Our Visitor

0810656