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CBSE Re-evaluation 2026: तकनीकी गड़बड़ियों पर सरकार सख्त, IIT विशेषज्ञों की ली मदद

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के री-इवैल्यूएशन पोर्टल में सामने आई तकनीकी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड द्वारा 25 मई को री-इवैल्यूएशन आवेदन प्रक्रिया बंद कर दी गई, लेकिन इस दौरान हजारों छात्रों को पोर्टल से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।

छात्रों और अभिभावकों की शिकायत थी कि पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा था। कई बार फीस जमा होने के बावजूद आवेदन पूरा नहीं हो पा रहा था। वहीं कुछ मामलों में छात्रों के खाते से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि कटने की भी शिकायतें सामने आईं।

इन तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने Indian Institute of Technology Madras और Indian Institute of Technology Kanpur के विशेषज्ञों को शामिल किया है। इन संस्थानों की टीम सीबीएसई के डिजिटल सिस्टम और री-इवैल्यूएशन पोर्टल की तकनीकी समीक्षा करेगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और जल्द सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

पेमेंट गेटवे सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए State Bank of India, Bank of Baroda, Canara Bank और Indian Bank को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। ये बैंक सीबीएसई के ऑनलाइन पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थिर और सुरक्षित बनाने में मदद करेंगे।

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों के खाते से अतिरिक्त फीस कट गई है, उन्हें राशि वापस कर दी जाएगी। बोर्ड ने यह भी बताया कि स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्र दो दिनों के भीतर दोबारा री-इवैल्यूएशन या ऑब्जर्व्ड आवेदन कर सकते हैं।

छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि विशेषज्ञों की मदद से जल्द ही पोर्टल की तकनीकी समस्याएं दूर होंगी और भविष्य में री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया अधिक सुचारु तरीके से संचालित की जा सकेगी।

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