केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि रूस विदेशी नागरिकों को सेना में भर्ती करने के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक और सामाजिक प्रलोभन दे रहा है। सरकार के अनुसार कई भारतीय युवा इसी आकर्षक पैकेज के चलते रूसी सेना में शामिल हुए।
सरकार ने अदालत को बताया कि भर्ती होने वालों को साइनिंग बोनस, मासिक वेतन, रूसी नागरिकता और युद्ध में मौत होने पर भारी मुआवजा देने का वादा किया गया। इसके अलावा कुछ लोगों को जेल से राहत दिलाने की भी पेशकश की गई थी।
याचिका में शामिल भारतीयों की स्थिति पर सरकार ने कहा कि 26 में से 14 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 अभी भी लापता हैं। विदेश मंत्रालय लगातार रूस के संपर्क में बना हुआ है।
केंद्र ने कहा कि रूस में मौजूद भारतीय दूतावास प्रभावित परिवारों की मदद कर रहा है। डीएनए जांच और मुआवजा प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि कुछ मामलों में मुआवजा राशि परिवारों तक पहुंच भी चुकी है। इसके साथ ही कई भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए हवाई टिकट और अन्य मदद उपलब्ध कराई गई है।
















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