Chhattisgarh Raipur CG

भारत माला परियोजना: सरकारी ज़मीन मुआवजा में घोटाला, मुख्यमंत्री से तत्कालीन SDM निर्भय साहू सहित अन्य की शिकायत

उगेतरा, छत्तीसगढ़। अभनपुर के तत्कालीन SDM निर्भय साहू पर करोड़ों रुपए के मुआवजे के बंदरबाट संबंधी आरोप पीड़ित किसानों ने लगाया है। केंद्र सरकार के भारत माला परियोजना में राजस्व अफसरों और भू-माफियाओ के गठजोड़ ने भर्राशाही की मनमानी का आलम ऐसा कि किसानो की जमीन का मुआवजा भू माफियो को दे दिया। सरकारी राशि का ऐसा बंदरबांट शायद ही कही देखने और सुनने को मिला होगा। प्रभावित किसान ने प्रेस वार्ता लेकर अधिकारियो और भू माफियाओ के सेटिंग को सार्वजनिक किया। अभनपुर ब्लॉक के ग्राम उगेतरा के किसान लाला वर्मा ने बताया कि उसके पांच एकड़ कृषि भूमि भारत माला परियोजना में शासन द्वारा ली गई, जिसका मुआवजा करीब 2 करोड़ 39 लाख रुपये बनता है। जो उसे ना देकर तत्कालीन SDM निर्भय साहू ने भू माफिया विजय जैन, उमा तिवारी और रिंकू खनूजा को दे दिया। किसान ने मुआवजा वितरण के दौरान आपत्ति भी की, पर उसे नजरअंदाज कर गैर भू स्वामियों को लाभ पहुंचाया गया, अब किसान अपने मुआवजे के लिए सरकारी कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। भारत माला परियोजना में अभनपुर ब्लॉक में करीब 400 से अधिक किसानो की जमीन सड़क हेतु अधिग्रहित की गई थी। जिसमे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। प्रभावित किसान अब सामने आ रहे है।ग्राम उगेतरा में लाला वर्मा की 40 अकड़ से अधिक जमीन है जिसमे 5 एकड़ भूमि सड़क में निकली जिसका मुआवाजा उसे ना देकर किसी और को दे दिया गया। किसान लाला वर्मा और अनिल दुबे ने तत्कालीन SDM निर्भय साहू पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि- एसडीएम निर्भय साहू और भू-माफिया विजय जैन, उमा तिवारी और रिंकू खनूजा के बीच 50-50 फीसदी की साझेदारी रही, और सभी ने आपस में मिलकर पैसो का बंदरबांट किया।
भारत माला परियोजना में हुई गड़बड़ी को प्रमुखता से पाठको को अवगत कराया जा रहा है। जिसका असर होता दिख रहा है। इससे पहले उरला के किसान और कारोबारी नरेंद्र पारख के डेढ़ करोड़ के मुआवजा में हेरफेर की शिकायत की थी। जिस पर लंबे जाँच के बाद तत्कालीन SDM, राजस्व निरीक्षक और पटवारी को दोषी पाया गया था। तत्कालीन SDM निर्भय साहू से इस विषय में जानकारी लेने फ़ोन/ मेसेज किया गया पर जवाब नहीं आया। उक्त करोड़ों रुपए के मुआवजा संबंधी बंदरबाट की शिकायत प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी की जाएगी अब देखना यह होगा कि तत्कालीन SDM सहित अन्य दोषी अधिकारियों पर शासन प्रशासन द्वारा कब तक कड़ी कार्रवाई की जाती है या फिर इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

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