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Renatus Nova क्या है- खुराक, फायदे, कीमत जानें

Renatus Nova क्या है, Renatus Nova लेने के फायदा और इसकी कीमत के बारे में जानकारी

Table of Contents Renatus Nova क्या है?

Renatus wellness Private Limited के हर्बल प्रोडक्ट Renatus Nova के बारे में जानेंगे। Renatus Nova जो 2018 में स्थापित की गए हुए बेंगलुरु के एक Network कंपनी के द्बारा उत्पादित फ़ूड सप्लीमेंट है। Renatus Nova इस कंपनी के एक मात्र डायरेक्ट सेलिंग प्रोडक्ट है। एक मात्र हेल्थ प्रोडक्ट है। जो 100% हर्बल प्रोडक्ट होने का दावा करता है। कंपनी का कहना है इसके कैप्सूल शरीर में आवश्यक तत्वों को जेसे कैल्सियम, फास्फोरस, विटामिन, प्रोटीन अदि तत्वों की पुर्ती करने के साथ साथ, मधुमेह, वायरल बुखार जैसे 600 से ज्यादा बिमारिओ से छुटकारा पाने में मदत करता है। इन 600 बिमारिओ में लिकोरिया, दमा, खसरा, बदहज़मी, गठिया, पीला बुखार, फाइलेरिया, अपच जैसे बिमारिओ भी शामिल है।

Renatus Nova Compositions

Renatus Nova में 100% हर्बल प्रोडक्ट मौजूद है। इसमें निम्नलिखित 12 संग मिश्रण के मौजूदा है।

Mangosteen, Siberian Ginseng, Safed Musli, Elderberry, Bilberry, Extract, Ashwagandha, Ginkgo Biloba, Manjistha, Shigru, Shatavari, Punarnava, Gokshura, …
इन 12 प्राकृतिक सामग्री से Renatus Nova तैयार होता है। Renatus Nova में उपयोग किया गया सारे सामग्री कई वर्षों पहले पारंपरिक औषधि तैयार करने में उपयोग किये जाते थे।

Renatus Nova में उपयोग किया गया सारे सामग्री किस किस बीमारी को दुरी करने में सहायता करते है वो जान लेते है।

Mangosteen – Mangosteen एक सेब जैसा औषधीय फल है, जिसे दक्षिण पूर्व एशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया और फिलीपींस जैसे देशों में पाए जाते है। इसके अर्क में मैंगनीज, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे खनिजों के साथ कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन C , B9, B1 और B2 पाए जाते हैं।

आमतौर पर Mangosteen के अर्क, दस्त, मूत्र पथ के संक्रमण (यूटीआई), सूजाक, थ्रश, तपेदिक, मासिक धर्म संबंधी विकार, ऑस्टियोआर्थराइटिस, आंतों के संक्रमण, कैंसर जैसे बिमारिओ के दूरीकरण में उपयोग किये जाते है।

Siberian Ginseng- जिनसेंग रक्तचाप, गुर्दे की बीमारी, अल्जाइमर रोग, ध्यान घाटे-अति सक्रियता विकार (ADHD), क्रोनिक थकान सिंड्रोम, मधुमेह, फाइब्रोमायल्गिया, संधिशोथ, फ्लू, सर्दी, अनिद्रा, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस जैसे बिमारिओ के दूरीकरण में उपयोग किये जाते है। कैंसर कीमोथेरेपी में भी इसका उपयोग किया जाता है।

Safed Musli – आमतौर पर इसके उपयोग Aphrodisiac और Erectogenic प्रभावों के लिए किया जाता है।

ELDERBERRY- इसके निर्जास में बहुत खनिज जैसे कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, जिंक के अलाबा Vitamin A, Thiamine (B1), Riboflavin (B2), Niacin (B3), Pantothenic acid (B5), Vitamin B6, Folate (B9), Vitamin C मौजुद है। इसके अलाबा Energy 305 kJ (73 kcal), कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन भी पाए जाते है।

Bilberry – Bilberry के अर्क में बहुत मात्रा में Vitamin C के मोजुदी पाए जाते है।

पारम्परिक औषधी में इसके इस्तेमाल Chronic fatigue सिंड्रोम, बवासीर, मधुमेह, पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस, गठिया, Skin Infection, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार, गुर्दे की बीमारी, और मूत्र पथ संक्रमण के इलाज के लिए किये जाते है।

Ashwagandha- इसके औषधीय उपयोग मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के कार्य को बढ़ाना में और स्मृति में सुधार करने के लिए किये जाते है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

Ginkgo biloba- Dementia अल्जाइमर रोग और थकान में इसका औषधीय उपयोग किये जाते है। anxiety और depression के दूरीकरण में भी इसके इस्तेमाल किये जाते है।

Manjistha – इसके जड़, तना और पत्ती के अर्क में एन्थ्राक्विनोन, ग्लाइकोसाइड, सैपोनिन, स्टेरॉयड, फिनोल और फ्लेवोनोइड्स उपस्थित रहता हैं। रक्त से प्राकृतिक विषाक्त पदार्थों को निकलने के लिए इसका औषधीय उपयोग उपयोग किये जाते है। इसके अलाबा स्वस्थ त्वचा के लिए, पित्त और कफ को कम करने के लिए भी इसके इस्तेमाल किये जाते है।

Shigru – Shigru जिसे भारत में सहजन के नाम से जाना जाता है इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन, बीटा-कैरोटीन, एस्कॉर्बिक एसिड, अमीनो एसिड और विभिन्न फेनोलिक्स के उपस्थिति पाए जाते है।

सहजन जड़, तना और पत्ती के अर्क बहुत से बिमारिओ के दूरीकरण करते है। जैसे मधुमेह, मूत्र विकार, गुर्दे की पथरी, द्रव प्रतिधारण, हृदय की समस्याएं, उच्च रक्तचाप, खांसी, सर्दी, अस्थमा, एनीमिया, गठिया, जोड़ों का दर्द (गठिया), कैंसर, यकृत रोग और श्वसन, त्वचा, पेट का ट्यूमर, पाचन विकार , कब्ज, दस्त, मिर्गी, पेट दर्द इत्यादि।

Shatavari – Shatavari जिसे सतमूली के नाम से भी जाना जाता है, जादादर आयुर्वेद चिकित्सा में इस्तेमाल किये जाते है।

दैनिक तनाव से छुटकारा दिलाता है और थकान को दूर करने में इसका उपयोग किये जाते है। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

Punarnava – रक्त में यूरिया और क्रिएटिनिन के स्तर को कम करके गुर्दा समारोह में सुधार करने में उपयोग किये जाते है। इसके अर्क पाचन के लिए अच्छा है।

Gokshura- इसका उपयोग गुर्दे और मूत्राशय के विकारों के इलाज के साथ-साथ यौन इच्छा को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

Renatus Nova लेने का फायदा – Renatus Nova में प्रयुक्त सामग्री प्राकृतिक होने के नाते ये एक हर्बल प्रोडक्ट है। कंपनी का कहना है हर्बल प्रोडक्ट होने के नाते इसके कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है। Renatus Nova को लेने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
तनाव और मन की शांति भी मिलते है।
इसके ingredints में ढ़ेर सारे प्रोटीन, खनिज, विटामिन मौजूद है जो शारीर में इसके कमी को पूरी करते है।

Renatus Nova लेने का Precaution –
Renatus Nova लेने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लेना चाहिए।

18 बर्ष से कम उम्र के किसी को भी ये नहीं लेना चाहिए।
किसी बड़े रोग जैसे लिवर के खराबी , कैंसर जैसे रोग के लिए इसे लेना बेवकूफी होगा। ये जरूर याद रखिये ये एक Food Suppliment है बस।
गर्वबती महिलाओ को इसे लेने से दुरी रखना ही अच्छा है।
स्तन पान कराने वाली महिलाओं को भी Renatus Nova नहीं लेना चाहिए।

Renatus Nova लेने का Dosage –

1. दिन में सुबह- शाम 1 से 2 कैप्सूल गरम पानी के साथ लेना चाहिए।

2. Renatus Nova के composition को अच्छे से पढ़के इसका सेवन करे। अगर किसी भी composition पर एलर्जी रहे तो इसे नहीं लेना चाहिए।

Renatus Nova के कीमत – Renatus Nova के पैकेट में 120 कैप्सूल रहते है जिसके कीमत है 1794/- लेकिन इसके 12 पैकेट साथ लेने पर आपको एक शानदार offer मिलेगा। आप Renatus Nova को इसके ऑफिसियल साइट या फिर पास के कोई Renatus Nova के distributor से खरीद सकते है।

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