Chhattisgarh

Chhattisgarh state has immense potential for horticulture : Horticulture and Forestry University to promote advanced farming

Raipur, 16 February 2021

Due to the climatic variations of Chhattisgarh, there is immense potential for production of horticultural crops in the state. To give a concrete shape to this vision, Chief Minister Mr. Bhupesh Baghel and Agriculture Minister Mr. Ravindra Chaubey laid foundation of Mahatma Gandhi Horticulture University on October 2 in Sankra Patan area of Durg district. It is the first horticulture college in the state with education, research and training facility in horticulture sector. This will give a boost to horticulture crops in the state.
The area under cultivation of horticulture crops has increased more than four times in past few years. Production has also increased five-fold compared to earlier. The main fruits grown in the state of Chhattisgarh are mango, guava, lemon, litchi, cashew, walnut, chiku etc. Apart from these major fruit crops, custard apple, vine, plum, amla, etc. are also produced. The total area of fruit crops in the state in year 2019-20 is 2 lakh 58 thousand 630 hectares and production is 25 lakh 48 thousand 930 metric tons. Vegetables – Most vegetable crops like Solanaceae crops, cucurbits, beans, cabbage, cauliflower etc. are widely grown in the state. The total area of vegetable crops in the year 2019-20 in the state is 5 lakh 25 thousand 147 hectares and the production is 71 lakh 58 thousand 909 metric tons. Spices – Chilli, ginger, garlic, turmeric, coriander and fenugreek are the major spices grown in the state. The total area of spices is 55 thousand 376 hectares and the production is 3 lakh 54 thousand 525 metric tons.
Chhattisgarh has been negligible in the field of floriculture. To meet the growing demand of flowers in the state, it is necessary to promote commercial floriculture among the farmers. Major flowers such as Mary-Gold, Tuberose, Gladiolus, Roses, Gallardia, Chrysamsum, Orchids etc. can be grown very well without much care. The area under floriculture in the state is 13 thousand 493 hectares and the production is 76 thousand 219 metric tons. Aromatic and medicinal crops in the state include Ashwagandha, Sarpagandha, Satwar, Buch, Aonla, Tikhur and aromatic crops include Lemongrass, Pamaroja, Jamaroja, Patchouli, E-Citridora etc. Area of aromatic and medicinal crops is 8 thousand 957 hectares and production is 59 thousand 172 metric tons.

उद्यानिकी की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश छत्तीसगढ़: उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय से उन्नत खेती को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर, 16 फरवरी 2021

छत्तीसगढ़ की जलवायु विविधताओं की वजह सेे यहां उद्यानिकी फसलों की उत्पादन की असीम संभावना है। इसे मूर्त रूप देने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने दुर्ग जिले के सांकरा पाटन में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय की नींव रखी। यह राज्य का पहला उद्यानिकी महाविद्यालय है, जहां शिक्षा, उद्यानिकी क्षेत्र में अनुसंधान और प्रशिक्षण से जुड़े काम होंगे। इससे राज्य में उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की खेती के रकबे में बीते कुछ सालों में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। उत्पादन भी पहले की तुलना में बढ़कर पांच गुना हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में उगाई जाने वाली प्रमुख फल फसले हैं आम, अमरूद, नींबू, लीची, काजू, अखरोट, चीकू इत्यादि है। इन प्रमुख फल फसलों के अलावा सीताफल, बेल, बेर, आंवला आदि का भी उत्पादन होता हैं। राज्य में वर्ष 2019-20 में फल फसलों का कुल क्षेत्रफल 2 लाख 58 हजार 630 हेक्टेयर तथा उत्पादन 25 लाख 48 हजार 930 मीट्रिक टन हैं। सब्जियां – ज्यादातर सब्जी फसलों जैसे सोलानेसी फसलों, कुकुर्बिट्स, बीन्स, गोभी, फूलगोभी आदि राज्य में बहुत अच्छी तरह उगाए जाते हैं। राज्य में वर्ष 2019-20 में सब्जी फसलों का कुल क्षेत्र 5 लाख 25 हजार 147 हेक्टेयर तथा उत्पादन 71 लाख 58 हजार 909 मीट्रिक टन हैं। मसाले – मिर्च, अदरक, लहसुन, हल्दी, धनिया और मेथी राज्य में उगने वाले प्रमुख मसाले हैं। मसाले का कुल क्षेत्रफल 55 हजार 376 हेक्टेयर तथा उत्पादन 3 लाख 54 हजार 525 मीट्रिक टन हैं।
छत्तीसगढ़ फूलों की खेती के क्षेत्र में नगण्य रहा है। राज्य में फूलों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किसानों के बीच वाणिज्यिक फूलों की खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। मैरी-गोल्ड, ट्युबोरोज, ग्लैडीओलस, रोज्स, गैलेर्डिया, क्रिसमसम, ऑर्किड इत्यादि जैसे प्रमुख फूल बिना बहुत सावधानी के बहुत अच्छी तरह से उगाए जा सकते हैं। राज्य में फूलों की खेती का रकबा 13 हजार 493 हेक्टेयर तथा उत्पादन 76 हजार 219 मीट्रिक टन है। राज्य में सुगंधित और औषधीय फसलों में अश्वगंधा, सर्पगंधा, सतवार, बुच, आओला, तिखुर एवं सुगंधित फसलों में लेमनग्रास, पामारोजा, जमारोजा, पचौली, ई-सीट्रिडोरा आदि शामिल है। सुगन्धित और औषधीय फसलों का रकबा 8 हजार 957 हेक्टेयर तथा उत्पादन 59 हजार 172 मीट्रिक टन है।

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