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कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ प्रदेश में मुस्लिम समाज की इतनी उपेक्षा क्यों ?

जावेद बिन अली ,स्वतंत्र पत्रकार

उत्तर प्रदेश, लखनऊ । जंगे आजादी में हिंदू मुस्लिम की एकजुटता ने अंग्रेजों के नाक में दम कर दिया था lइसलिए उन्होंने प्लानिंग करके ऐसी फूट डालकर महान भारत जो अफगानिस्तान से लेकर वर्मा तक था आज कितने देश बन गएl जंगे आजादीकी लड़ाई इंडियन नेशनल कांग्रेस के नेतृत्व में लड़ी गई आजादी तो जरूर मिल गई lलेकिन कांग्रेस में छुपे हुए समाज और देश दुश्मन आज भी मौजूद हैंl यही वजह है छत्तीसगढ प्रदेश में अभी हाल ही 30 से अधिक मंडल एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की नियुक्ति हुई है । जिसमें मुस्लिम समाज का प्रतिनिधिय नही के बराबर है । उचित तो यह होता कि मुस्लिम समाज को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाता . विशेषकर रायपुर , भिलाई , बरतर . बिलासपुर आदि जिलों मे मिलना चाहिएl लेकिन एक व्यक्ति को अम्बिकापुर में दिया गया है और पुणे क्यों दिया गया ,सब जग जाहिर है । अभि हाल ही में 15 ससदीय सचिवों को नियुक्ति दी गई हैl . इससे स्पष्ट है कि जाति गत समीकरण को , मनुवादी तत्वों / पूजीवाद तत्व को जगह देते हुए राजनीति के साथ – साथ जाति – गत ( बैलेंस ) एवं समन्य स्थापित किया गया है ।
01 नवंबर 2000 को प्रदेश स्थापना के साथ ही काग्रेस ने यह घोषणा की थी छत्तीसगढ़ परदेस में गंगा जमुनी तहजीब एवं भाईचारे को बढ़ाने के लिए ख्वाजा गरीब नवाज यूनिवर्सिटी की स्थापना की जायगी और साथ ही प्रदेश के अन्य भाग जैसे – बस्तर ,भिलाई ,बिलासपुर अम्बिकापुर आदि में कॉलेजों की स्थापना की जायगी जो आज दिनांक तक स्थापना तो दूर की बात स्थापना की कार्यवाही तक शुरू नही हुई है । ख्वाजा गरीब नवाज नवाज यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु तत्काल पहल करते हुए कार्यवाही शुरू की जानी चाहिए .l इसी प्रकार आज दिनांक तक 20 साल मैं हज हाउस भी बनकर तैयार नहीं हो सका है । और काग्रेस की सरकार को बने 15 साल बाद पुनः 7 लाल होने को जा रहे हैं । पर अभी तक कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ है । उर्दू अकादमी , मदरसा बोर्ड की दशा एवं दिशा अत्यंत चितनीय है । और इन दोनों अकादगी और बोर्ड को शासन द्वारा इतनी ही वितीय सहायता दी जाती है ताकि इनकी सांसें चलती रहें और दिखावे नाम मात्र को इनका बोर्ड लगा रहे । पिछले 20 साल में इनका कोइ उत्थान नहीं हुआ है lऔर न ही कोइ उल्लेखनीय इनके द्वारा कार्य किया गया है , छत्तीस गढ़ प्रदेश में । शुरू में सरकार द्वारा लगभग 300 उर्दू टीचरों की नियुक्ति की गई थी और पिछले भाजपा शासित 15 सालों में किसी भी उर्दू टीचर की नियुक्ति नहीं की गई है । हजारों की संख्या में उर्दू टीचरों के पद रिक्त है उन्हें तत्काल प्रभाव से भरने की आवश्यक्ता है , और उर्दू टीचरों के नय पदों को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति करने की आवश्यकता है , जिससे उर्दू भाषा की तरक्की हो सके ।
अभी हाल ही में श्री मु अकबर मंत्री जी के द्वारा रायपुर , नंदगांव कवरधा में मुस्लिम गर्लस हॉस्टिल बनाएं जाने की घोषणा की गई है जो स्वागत योग्य है । इस के लिए समूचा मुस्लिम समाज उन्हें धन्यवाद देता है , साथ ही मुस्लिम समाज शासन से यह अपेक्षा करता है कि भिलाई रायपुर जो शिक्षा का गढ़ है . मुस्लिम लड़के और लड़कियों के लिए हॉस्टल प्राथमिकता पर बनाया जाय । मुस्लिमों में शिक्षा का स्तर और आर्थिक स्थिति किसी से छुपी नही है । और इस ओर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है ।
जब से छत्तीस गढ प्रदेश बना है भू – माफियाओं के द्वारा वक्फ संपत्ति को कब्जा किया गया है , तत्कालीन का अधिकारियों द्वारा बहुत से प्रकरणों में अवैध रूप से कार्यवाही की गई है , और जिन लोगों को वक्फ की संपत्ति की देख – रेख की जिम्मे दारी दी गई थी उन्होंगे या तो वक्फ की संपत्ति को भू – माफियाओं को बेच दिया या कब्जे में गलत कानूनी तरीके से दे दिया गया है । शासन को ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करनी चाहिए / करने की आवश्यक्ता है । और वक्फ की संपत्ति का भु – लेख में नियमानुसार इन्द्राज किया जाय ताकि भविष्य में वक्फ की संपत्ति को ज्यादा नुक्सान न पहुँच सके इस ओर शासन को विशेष ध्यान देने कि आवश्यकता है ।
शासन के द्वारा एक वरिष्ठ अल्प संख्यक अधिकारी को मुख्य समन्थ्य अधिकारी ( चीफ को ऑर्डिनेटर ) के रूप में नियुक्ति करे जो इन समस्त विभागों से समन्व्य स्थापित करते हुए इन विभागों की समस्याओं एंव अल्पसंख्यक समुदाय की समस्याओं का निदान कर सके एव शासन स्तर से इनकी समूचित मदद कर सके । और शासन से इनको वित्तीय अनुदान दिला सके ।
अल्पसंख्यक समुदाय का तब तक शैक्षणिक एंव आर्थिक उत्थान संभव नहीं है जब तक कि शासन द्वारा विशेष पहल न की जाय । इस के लिए आवश्यक है कि शासन के द्वारा अल्पसंख्यक संबंधित विभागों को विशेषकर उर्दू अकादमी , मदरसा बोर्ड , वक्फ बोर्ड आदि को विशेष आर्थिक अनुदान / सहायता दी जाय । ऐसे समस्त निगम , मण्डल एवं विभागों में अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाय ताकि पूरे प्रदेश के साथ साथ मुस्लिम अल्पसंख्यकों का भी समुचा बहुमुखी विकास हो सके । अल्प संख्यक राजनेता चाहे यह किसी भी स्तर के किसी भी पार्टी में क्यों न हो , अपने समुदाय के समूचित उत्थान के लिए समय समय पर अपनी आवाज शासन प्रशासन स्तर पर उठाते रहना चाहिए , और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल , कांग्रेस हाइ कमान और प्रदेश के प्रभारी श्री पी एल पुनिया जी एव अन्य संबंधित राजनेताओं के ध्यान में समस्त समस्याओं को लाना चाहिए ताकि प्रदेश स्तर पर उन समस्याओं का निराकरण हो सके।

जावेद बिन अली ,स्वतंत्र पत्रकार
9236373472 W , 9140395253

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