Sport

श्रेयस अय्यर ने बताया क्यों बाहर हुए वैभव सूर्यवंशी, कहा- फॉर्म नहीं, टीम कॉम्बिनेशन था असली कारण

लंदन, इंग्लैंड

इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने का फैसला चर्चा का विषय बन गया। लगातार तीन मैच खेलने के बाद उन्हें अंतिम मुकाबले में बाहर बैठाया गया, जबकि अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई। हालांकि, इस बदलाव के बावजूद भारत को हार का सामना करना पड़ा और इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली।

मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट किया कि वैभव सूर्यवंशी को उनकी खराब फॉर्म की वजह से नहीं, बल्कि टीम की रणनीति और बल्लेबाजी क्रम के संतुलन को ध्यान में रखते हुए बाहर रखा गया था। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन इस मुकाबले में शीर्ष क्रम में दाएं और बाएं हाथ के बल्लेबाजों का बेहतर संयोजन चाहता था, जिसके चलते संजू सैमसन को मौका दिया गया।

श्रेयस अय्यर ने कहा, “हम इस मैच के लिए ऐसा कॉम्बिनेशन चाहते थे जो परिस्थितियों के अनुरूप सबसे उपयुक्त हो। हमारी योजना थी कि अभिषेक शर्मा के साथ एक दाएं हाथ का बल्लेबाज ओपनिंग करे। यही सबसे बड़ा कारण था कि हमने यह बदलाव किया। इसका वैभव की फॉर्म से कोई संबंध नहीं है।”

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने इस सीरीज के तीन मुकाबलों में कुल 42 रन बनाए थे। भले ही उनका प्रदर्शन बहुत बड़ा नहीं रहा, लेकिन टीम प्रबंधन ने उनके चयन और बाहर किए जाने को पूरी तरह रणनीतिक फैसला बताया है। दूसरी ओर, संजू सैमसन की वापसी से उम्मीद थी कि टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलेगी, लेकिन भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने प्रभाव नहीं छोड़ सके।

सीरीज में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। आयरलैंड दौरे और इंग्लैंड टी20 सीरीज को मिलाकर भारतीय टीम लगातार सात मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर सकी। इस खराब प्रदर्शन पर पूछे गए सवाल के जवाब में अय्यर ने कहा कि किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उनके अनुसार, लगातार अलग-अलग मैदानों पर खेलना, बदलती परिस्थितियां और पिचों के अनुरूप जल्दी तालमेल नहीं बिठा पाना टीम के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ।

उन्होंने कहा, “हम लगातार एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू पर जा रहे थे। हर मैदान की परिस्थितियां अलग थीं। हम जितनी तेजी से खुद को ढालना चाहते थे, वैसा नहीं कर पाए। यही हमारे प्रदर्शन पर असर डालने वाले प्रमुख कारणों में से एक रहा।”

इंग्लैंड की सफलता की सराहना करते हुए भारतीय कप्तान ने कहा कि मेजबान टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। उनके अनुसार, किसी भी विदेशी दौरे पर सफलता हासिल करने के लिए केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती, बल्कि परिस्थितियों के अनुरूप तैयारी, अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।

भारत अब आगामी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं की तैयारियों पर ध्यान देगा, जबकि टीम प्रबंधन इस दौरे से मिली सीख के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार करने में जुटेगा।

About the author

Login_Admin

Add Comment

Click here to post a comment

Follow us on facebook

Live Videos

Breaking News

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Our Visitor

0855223