हैदराबाद के मलकाजगिरी नगर निगम के अंतर्गत आने वाले आरटीसी कॉलोनी, चिंतलकुंटा क्षेत्र में एक नशे की लड़ाई के कारण दो बड़े पेड़ काट दिए गए। ये पेड़ लगभग 40-45 वर्ष पुराना पीपल और 20-25 वर्ष पुराना जामुन था, जो 40 फीट चौड़ी सड़क के बीचोंबीच स्थित थे।
पड़ोसी और स्थानीय निवासी बताते हैं कि क्षेत्र में कुछ युवकों के बीच नशे के कारण हिंसक विवाद हुआ था, जो तेजी से बढ़ता चला गया। इस लड़ाई के दौरान गुस्से में आकर उन्होंने झगड़े का बदला लेने के लिए इन पेड़ों को काटने का मौका चुना।
इस घटना से पूरी कॉलोनी में अफसरशाही और निवासियों में नाराजगी व्याप्त है, क्योंकि ये पेड़ न केवल क्षेत्र की हरियाली के लिए महत्वपूर्ण थे, बल्कि आसपास के वातावरण में छाया और ताजगी का भी स्रोत थे। स्थानीय लोग इसे सांस्कृतिक और पर्यावरणीय नुकसान मान रहे हैं।
मलकाजगिरी नगर निगम के अधिकारियों को जब इस बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है और उन्होंने तुरंत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों को काटना बिना अनुमति के गैरकानूनी है और आरोपी युवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले कुछ वर्षों में इस इलाके में पेड़ों की संख्या लगातार घटती जा रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है। इस घटना ने इस समस्या पर फिर से ध्यान केंद्रित कर दिया है कि कैसे हम अपने हरे-भरे क्षेत्रों को सुरक्षित रख सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत दें ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें और हरे-भरे वातावरण को बचाया जा सके।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि नशे की वजह से होने वाले झगड़े केवल सामाजिक समस्याएं ही नहीं हैं, बल्कि वे पर्यावरणीय हानि तक भी पहुंच सकते हैं। इसलिए नागरिकों से आग्रह है कि वे नशे से दूर रहें और अपने समुदाय को स्वस्थ और सुरक्षित बनाए रखें।














