हैदराबाद। स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिंह ने कहा है कि भले ही पिछले एक दशक से पोलियो के कोई मामले नहीं आए हैं, फिर भी इस बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए हमें सतर्क रहना और आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी है। इसी दिशा में तेलंगाना सरकार ने नया पल्स पोलियो अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 40 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की दवा देना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को कहा कि पोलियो विमुक्त भारत बनाने की प्रक्रिया में तेलंगाना की भूमिका महत्वपूर्ण है। हालांकि पिछले वर्षों में मामलों में गिरावट आई है, लेकिन जागरूकता और टीकाकरण की निरंतर प्रक्रिया को जारी रखना आवश्यक है ताकि किसी भी तरह से इस बीमारी का पुनः प्रसार न हो।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पोलियो अभियान के लिए व्यापक योजना बनाई है जिसमें सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थान, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, और स्थानीय समुदायों को शामिल किया गया है। इस अभियान के तहत बच्चों को पोलियो ड्रॉप के साथ-साथ आवश्यक स्वास्थ्य जांच भी कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार अभियान में विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों व ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहाँ टीकाकरण की पहुंच में मुश्किल रहती है। साथ ही, जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं ताकि माता-पिता और अभिभावकों में टीकाकरण के प्रति विश्वास बढ़े।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 40 लाख बच्चे हैं जिन्हें इस बार वैक्सीन दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने अपील की कि सभी अभिभावक अपने बच्चों का टीकाकरण समय पर कराएं और पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से उनका बचाव करें।
पल्स पोलियो अभियान 2024 की शुरुआत में ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में शुरू हो चुका है और इसे अगले कुछ महीनों तक निरंतर जारी रखा जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीम घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप उपलब्ध कराएगी।
सी. दामोदर राजा नरसिंह ने कहा, “हम सभी का कर्तव्य है कि हम बच्चों को इस जानलेवा बीमारी से बचाएं। पिछले दशकों की सफलता को बनाए रखना और आगे बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।”
इस अभियान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सामाजिक सहभागिता बढ़ाने, मिथकों को दूर करने, और टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने के लिए स्थानीय नेताओं, शिक्षकों और मीडिया का भी समर्थन लिया जा रहा है। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास के बिना पोलियो को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं होगा।
अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी भारतीयों से सहयोग का आग्रह किया ताकि भारत पूरी तरह से पोलियो मुक्त देश बन सके। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे सरकारी अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और बच्चों को पोलियो ड्रॉप जरूर पिलाएं।













