नई दिल्ली: देश के मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च और कड़े प्रतिस्पर्धा के मद्देनजर आयोजित होने वाली नीट-यूजी 2026 की री-परीक्षा आज आयोजित की गई। इस परीक्षा का आयोजन दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चला, जिसमें उम्मीदवारों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया गया। इस बार परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकी जा सके।
नीट-यूजी, जो कि मेडिकल के क्षेत्र में स्नातक स्तर के प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली प्रमुख परीक्षा है, इस बार 22 लाख से अधिक इच्छुक छात्र शामिल हुए। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है, जो भारत में मेडिकल शिक्षा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर सख्त पाबंदी थी। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों की पहचान और दस्तावेजों की बार-बार जांच भी की गई।
परीक्षा का प्रारूप राष्ट्रीय स्तर पर समान था और यह तीन घंटे 15 मिनट तक चला, जिसमें छात्रों को प्रश्नों के उचित और स्पष्ट उत्तर देने का अवसर मिला। अतिरिक्त 15 मिनट का प्रावधान इस बार इसलिए किया गया ताकि उम्मीदवार अपनी उत्तर पुस्तिका को अच्छी तरह से जांच सकें और अंतिम संशोधन कर सकें।
इस परीक्षा की तैयारी में लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं, क्योंकि इससे उनके मेडिकल करियर की दिशा तय होती है। आईईटी, परीक्षा नियामक निकाय के अधिकारियों ने कहा कि सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं ताकि परीक्षा निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी परीक्षा में कुछ तकनीकी चुनौतियों और उनसे जुड़ी शिकायतें सामने आईं, लेकिन उनका समाधान तेजी से किया गया। इससे परीक्षा के समग्र संचालन में सहूलियत बनी और छात्रों को बिना किसी बाधा के परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिला।
नीट-यूजी 2026 की यह री-परीक्षा मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटना है, जो देश के अनेक प्रतिभाशाली छात्रों के सपनों को साकार करने में मदद करेगी। इसके सफल आयोजन से भारत में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के विकास की आशा और भी मजबूत हो गई है।














