मैसूर, 21 जून: इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मैसूर में एक भव्य योग सत्र आयोजित किया गया, जिसका विषय “स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग” था। यह आयोजन मैसूर पैलेस के प्रांगण में हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। योग के इस विशाल कार्यक्रम ने मैसूर को आधुनिक योग का वैश्विक केंद्र होने की उसकी विरासत को पुनः स्थापित किया।
इस समारोह का उद्देश्य स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना था, खासकर बुजुर्गों में योग के महत्व को सामने लाना। सुबह से शुरू हुए इस सत्र में विभिन्न आयु वर्ग के लोग, युवा, मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्ग सभी ने खुले दिल से योग के आसनों, प्राणायाम और ध्यान में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान योग गुरु और विशेषज्ञों ने योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मानसिक शांति और तंदुरुस्ती भी प्रदान करता है। खासकर उम्र के सम्मान को ध्यान में रखते हुए योग का अभ्यास स्वास्थ्यपूर्ण जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मैसूर के मुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस अवसर पर उपस्थित होकर योग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन शैली का हिस्सा है, जिसे सभी को अपनाना चाहिए।
इस आयोजन में भाग लेने वालों ने बताया कि योग करने से उन्हें शारीरिक थकान कम महसूस होती है और वे मानसिक रूप से भी अधिक सशक्त महसूस करते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने मिलकर इस कार्यक्रम को सार्थक और प्रेरणादायक बनाया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का यह प्रयास शहर की समृद्ध योग संस्कृति और सामुदायिक भावना को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है। कोविड-19 महामारी के बाद यह पहली बड़ी योग सभा थी, जिसने लोगों में सकारात्मक ऊर्जा भर दी।
अंत में, आयोजकों ने आने वाले वर्षों में भी योग का इसी उत्साह और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार जारी रखने का संकल्प लिया। इस तरह के आयोजन न केवल व्यक्ति विशेष के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक स्वस्थ और सशक्त भविष्य की दिशा में कदम हैं।
















