नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने NEET परीक्षा से ठीक पहले टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देते हुए केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केन्द्र सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए अदालत को सूचित किया कि टेलीग्राम के कई चैनलों का उपयोग परीक्षा के प्रश्नपत्रों की लीक सामग्री को बिक्री के लिए प्रदर्शित करने में किया जा रहा है।
सॉलिसिटर जनरल ने आरोप लगाया कि इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बड़ी संख्या में परीक्षा प्रश्नों की खुलासा हो रही है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति छात्रों के भविष्य के लिए खतरा है क्योंकि परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
यह मामला उस समय गरमाया जब NEET परीक्षा की तैयारी जोरों पर थी और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर परीक्षा प्रश्नपत्रों के लीक होने की शिकायतें सामने आईं। केन्द्र सरकार ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया ताकि परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित रखा जा सके।
टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था, जिसमें कहा गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंटेंट के लिए सीधे जिम्मेदार नहीं हैं और वे केवल संदेशवाहक हैं। इसके जवाब में केन्द्र सरकार ने अदालत को बताया कि टेलीग्राम की कुछ विशेष सुविधाओं का दुरुपयोग हो रहा है जो परीक्षा प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना और उनमें से उचित कार्रवाई की मांग की। अदालत ने केन्द्र सरकार से प्रतिबंध संबंधी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है ताकि आगे की सुनवाई के दौरान इस विषय पर निर्णायक फैसला लिया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के दौरान इस प्रकार के मामलों पर सख्त निगरानी रखना जरूरी है ताकि छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था मिल सके। वहीं, सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी बनती है कि वे अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग न होने दें।
यह मामला आने वाले दिनों में सोशल मीडिया और शिक्षा क्षेत्र के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को और भी उजागर करेगा। छात्रों और अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे परीक्षाओं के प्रति ईमानदार और जागरूक बने रहें तथा किसी भी प्रकार की लीक और गलत जानकारी से दूर रहें।
अधिक जानकारी के लिए अदालत अगली तारीख पर दोनों पक्षों से सुनवाई जारी रखेगी।














