नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने हाल ही में NEET-UG पुनः परीक्षा को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है, जिसके तहत भारत में टेलीग्राम ऐप को जरूरी कारणों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। एनटीए ने यह कदम ऐसे Telegram समूहों के खिलाफ उठाया है जो आगामी NEET परीक्षा के लिए नकली प्रश्न पत्रों का प्रचार कर छात्रों को ठगने का आरोप है।
एनटीए के अनुसार, Telegram प्लेटफॉर्म पर कई समूहों द्वारा नकली परीक्षा पत्रों की बिक्री की जाती रही है, जिससे हजारों अभ्यर्थी धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि नकली प्रश्न पत्रों के प्रचार-प्रसार से परीक्षा की निष्पक्षता को भारी खतरा है और इसके चलते परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
एनटीए की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि Telegram ऐप के जरिए धोखाधड़ी रोकने एवं छात्रों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाना आवश्यक था। इसके तहत केंद्रीय सरकार से इस ऐप को भारत में ब्लॉक करने का अनुरोध किया गया, जिसे मान्यता मिलते ही यह प्रतिबंध लग गया।
विदित हो कि NEET-UG देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा है, जो प्रत्येक वर्ष लाखों छात्रों के भविष्य का फैसला करती है। परीक्षा के दौरान फर्जी प्रश्नपत्र बाजार में आने से छात्रों की मेहनत और ईमानदारी पर सवाल खड़े हो रहे थे। एनटीए इस प्रकार की किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा और इस बाबत कड़ी निगरानी रखेगा।
अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह के नकली प्रश्न पत्र या जानकारी के लिए सावधान रहें और भरोसेमंद स्रोतों से ही अध्ययन सामग्री प्राप्त करें। एनटीए ने कहा है कि परीक्षा से संबंधित सारी आधिकारिक सूचनाएं केवल उनकी आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत चैनलों पर प्रकाशित होंगी।
इस प्रतिबंध के बाद Telegram के उपयोगकर्ताओं को संदेश भेजे जा रहे हैं कि वे गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहें। सरकार ने यह भी बताया कि भविष्य में इस तरह की कोई भी धोखाधड़ी हुई तो कड़े दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है, जिससे छात्र समुदाय को न्यायसंगत अवसर मिल सके और परीक्षा का सही मापदंड स्थापित हो सके। एनटीए ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
अब छात्रों और अभिभावकों की नजरें एनटीए की आगामी घोषणाओं पर टिकी हैं कि कैसे यह परीक्षा व्यवस्था बेहतर एवं विश्वसनीय तरीके से सम्पन्न होगी। ऐसे में Telegram पर लगे इस प्रतिबंध से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।














