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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 31 पैसे चढ़कर 94.29 पर पहुंचा

Rupee rises 31 paise to 94.29 against U.S. dollar in early trade

नई दिल्ली। भारतीय रुपया विदेशी मुद्रा बाजार में हालिया सत्रों में लगातार मजबूती का प्रदर्शन कर रहा है। खासतौर पर पिछले तीन सत्रों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 130 पैसे की बड़ी रिकवरी कर चुका है। इस सुधार के पीछे प्रमुख वजह माना जा रहा है यूएस-ईरान डील फ्रेमवर्क का उभरना, जिसने बाजारों में सकारात्मकता का माहौल बना दिया है।

विदेशी मुद्रा बाजार की गतिविधियों पर दक्षिण एशियाई आर्थिक विशेषज्ञों की नजरें बनी हुई हैं, जो इस डील से उत्पन्न उम्मीदों को देखते हुए निवेशकों के मूड में आए बदलाव को समझने की कोशिश कर रहे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया 94.29 के स्तर तक पहुंचने में इस प्रभाव का अहम योगदान रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि यूएस-ईरान डील फ्रेमवर्क के कारण मध्य पूर्व में तनाव कम होने की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आई है। इससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को राहत मिली है, जो रुपये के सशक्तिकरण में भी मददगार साबित हो रही है।

मार्केट के जानकारों का अनुमान है कि अगर यह डील तालिका के अनुसार बनी रही तो विदेशी निवेश में तेजी के साथ रुपया और मजबूत हो सकता है। इसके अतिरिक्त, घरेलू आर्थिक सुधार, निर्यात के बढ़ते रुझान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक स्थिरता भी रुपये के अंक को बेहतर बनाए रखने में सहायक होगी।

हालांकि, ट्रेड वॉर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेशक सतर्क बने हुए हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अंततः, निवेशकों को सुझाव दिया जाता है कि वे बाजार की चाल पर ध्यान रखें और संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करते हुए अपनी निवेश रणनीतियों को बनाएं। आर्थिक संरचनाओं में सकारात्मक बदलाव और वैश्विक स्तर पर सौहार्द्रपूर्ण संबंधों के विकास से रुपया और मजबूती हासिल कर सकता है।

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