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अमेरिकी सैन्य हमलों के कारण ईरान के साथ शांति समझौते की अनिश्चितता बढ़ने से वैश्विक तेल की कीमतों में 3% की बढ़ोतरी

Global oil price gains 3% as U.S. Military strikes on Iran add to peace deal uncertainty

नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में बढ़ी सैन्य तनाव की खबरों के बाद तेजी देखी गई है। विशेष रूप से होर्मुज की संकरी जलडमरूमध्य में पारगमन सीमित होने की वजह से तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

विश्व की प्रमुख ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में कहा जा रहा है कि द्विपक्षीय तनाव के चलते पारगमन पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। इसकी वजह से वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है।

अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ईरानी सैन्य कार्रवाइयां क्षेत्रिय शांति के लिए खतरा उत्पन्न कर रही हैं। इन आरोपों के बाद अमेरिकी वायुसेना ने ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि हुई है। तेल बाजारों में इस तरह की घटनाओं का सीधा असर पड़ता है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से प्रतिदिन अरब विश्व और अन्य क्षेत्रों से लाखों बैरल कच्चा तेल परिवहन होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये रणनीतिक जलमार्ग पूरी तरह से बंद हो जाता है या लंबे समय तक संघर्ष जारी रहता है, तो तेल की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं, जिससे वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला में भी बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वे क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे और साथ ही कूटनीतिक प्रयासों को भी जारी रखेंगे। हालांकि वर्तमान परिस्थितियां यह दिखाती हैं कि ईरान के साथ कोई पक्का और स्थायी शांति समझौता फिलहाल संभव नहीं है।

विश्लेषकों के अनुसार यह स्थिति तेल की मांग और आपूर्ति दोनों पर दबाव डाल सकती है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ेगी। उपभोक्ताओं और उद्योग जगत को भी इस अस्थिरता से सावधान रहना होगा।

इसी बीच, कई देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन तनाव को कम करने और मध्यस्थता के लिए प्रयास कर रहे हैं ताकि इस गोलीबारी के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। परन्तु फिलहाल, सामरिक कारणों से होर्मुज जलडमरूमध्य में पारगमन केवल आंशिक रूप से संभव हो पा रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न करता है।

निष्कर्षतः क्षेत्रीय संघर्ष और कूटनीतिक अनिश्चितताओं के कारण तेल कीमतों में तेजी भविष्य में भी बनी रह सकती है। इससे जुड़े सभी पक्षों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे संयम और संवाद को प्राथमिकता दें ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

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