भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला कारोबारी हफ्ता कई बड़े घटनाक्रमों से प्रभावित रह सकता है। निवेशकों की नजर खास तौर पर Reserve Bank of India द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए 2.87 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड और अमेरिका-ईरान वार्ता पर बनी रहेगी।
आरबीआई के इस कदम से सरकार को अतिरिक्त वित्तीय ताकत मिलेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी खर्च बढ़ने और अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलने की संभावना मजबूत होगी। इसका असर बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स शेयरों में देखने को मिल सकता है।
दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत भी बाजार के लिए अहम है। अगर दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है। भारत के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
पिछले हफ्ते बाजार में हल्की तेजी दर्ज की गई। BSE Sensex और NIFTY 50 दोनों हरे निशान में बंद हुए। आईटी सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी।















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