Chhattisgarh COVID-19 Education

मुख्यमंत्री भूपेश की एक ओर संवेदनशील पहल, सुदुर अंचल के छात्रों को निजी मेडिकल काॅलेजों में सरकार कराएगी प्रवेश

नीट क्वालिफाई बच्चे जो नेटवर्क प्राब्लम के चलते काउंसिलिंग के लिए तय समय पर नही करा सके थे अपना पंजीयन

इन होनहार बच्चों का अब सरकार संवारेगी भविष्य

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ओर संवेदनशील पहल करते हुए प्रदेश के सुदुर अंचल जहां नेटवर्क और अन्य तकनीकी कारणों से नीट क्वालिफाई होनहार छात्र-छात्राएं जो काउंसलिंग के लिए निर्धारित समय पर अपना पंजीयन नही करा सके थे उन्हें अब प्रदेश के निजी काॅलेजों में पेमेंट सीट पर प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए है। इन होनहार बच्चों का भविष्य अब सरकार संवारेगी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार है कि एमबीबीएस के लिए निजी काॅलेजों के पेमेंट सीट में बच्चों को राज्य सरकार के खर्च पर दाखिला दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई समझौता नही होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचलों के ऐसे सभी होनहार बच्चों के एमबीबीएस मेें दाखिला के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह बात आयी कि दंतेवाड़ा जिले के 27 होनहार छात्र-छात्राएं जिन्होंने नीट क्वालिफाई किया है परन्तु नेटवर्क प्राब्लम के चलते प्रथम काउंसलिंग में उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था। इस सम्बन्ध में जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर पंजीयन कराने का प्रयास किया गया और राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय काउंसलिंग पूर्व इनका रजिस्ट्रेशन कराया गया परंतु ये छात्र चयन से वंचित रह गए । राज्य में पंजीयन हेतु द्वितीय अवसर नहीं होने से उनका पंजीयन नहीं कराया जा सका । प्रथम काउंसलिंग के पश्चात इसमें दो छात्रा कुमारी पदमा मडे और पीयूषा बेक एमबीबीएस में प्रवेश की पात्रता रखती हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर दंतेवाड़ा द्वारा इन छात्राओं का प्रदेश के निजी काॅलेजों में दाखिला की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगे भी यदि इनमें से कोई छात्र कटअप के बाद प्रवेश के लिए पात्र पाया जाता है तो उन्हें भी निजी काॅलेजों की पेमेंट सीट पर दाखिला दिलाया जाएगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

Chief Minister Mr. Bhupesh Baghel’s another compassionate initiative: Government to ensure admission of students from remote areas into private medical institutions

The students who qualified NEET but couldn’t register for counseling due to network problem, government would help these talented children in building their bright future

Taking yet another compassionate initiative, Chief Minister Mr. Bhupesh Baghel has given instructions to ensure admission of the students, who have qualified NEET but could not register for counseling due to technical reasons, on ‘payment seats’ of private colleges in the state. Chhattisgarh Government is determined to build a bright future for these talented children. This is first time in the history of Chhattisgarh state that the government is ensuring admission of students on paid MBBS seats of private medical colleges and bearing all the expenses of the same. .
Chief Minister Mr. Baghel said that children’s future should not be compromised. Chief Minister Mr. Baghel has directed officials of district administration to take necessary action for admission of such talented students from remote tribal areas in the private medical colleges of state for MBBS. It is noteworthy that as soon as Chief Minister Mr. Bhupesh Baghel learned about the 27 talented students of Dantewada district, who have qualified NEET but could not do registration for first round of counseling due to network issue, he immediately addressed the situation. At first, District Administration made an attempt to get their registration done and the students were registered before the second counseling at national level, but these students couldn’t get selected. Due to lack of second opportunity of registration in the state, students could not get their registration done. After first counseling, two students named Kumari Padma Made and Piyusha Bek are eligible for admission in MBBS. On Chief Minister’s instructions, Collector Dantewada is taking action to ensure admission of these students in private colleges. Chief Minister further said that if any other students are found qualified for admission after cut-up, they would also be given admission on payment seats of private colleges, and state government would bear the expenses.

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