रायपुर। हमेशा की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के ग्राम जजंगिरी, कुम्हारी पहुंचकर सबकी मंगलकामना के लिए सोंटे का प्रहार झेलने की परंपरा निभाई। हर बार गांव के बुजुर्ग भरोसा ठाकुर यह प्रहार करते थे, उनके निधन के कारण इस साल यह परंपरा उनके बेटे बीरेंद्र ठाकुर ने निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुंदर परंपरा सबकी खुशहाली के लिए मनाई जाती है। इस बात का दुख है कि इस बार भरोसा ठाकुर हमारे बीच नहीं हैं। खुशी इस बात की है कि उनके सुपुत्र बीरेंद्र, उनका परिवार और जजंगिरी के ग्रामीण इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार दीवाली कोरोना काल में आई है। हमेशा मास्क पहने रहे, हाथ साबुन से धोएं तथा फिजिकल दूरी का पालन करें। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुम्हारी में गौरा गौरी की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की। दीपावली के दूसरे दिन यानी गोवर्धन पूजा को छत्तीसगढ़ में राउत समाज द्वारा मातर वर्प रूप में मनाया जाता है। इस दौरान गौरा- गौरी की पूजा के साथ ही राउत नाचा और विविध सांस्कृतिक सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हर वर्ष इस कार्यक्रम में शिरकत करते हैं और गौ पूजा के साथ ही सोंटा खाने की रश्म भी निभाते हैं। इस रस्म के पीछे की सोच यह है कि किसी परिवार के मुखिया जिस तरह परिवार पर आने वाले किसी संकट के दौर में चट्टान की तरह सामने खड़े हो जाते हैं, उसी तरह प्रदेश रूपी परिवार के मुखिया के रूप में सोंटे की मार को झेलकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को यह भरोसा दिलाया कि प्रदेश पर किसी भी प्रकार का संकट आने पर वह सबसे पहले इसका मुकाबला करेंगे।
सबकी मंगलकामना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झेला साेंटे का प्रहार
November 15, 2020
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