छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता पीएचडी- नेट- सेट कल्याण संघ रायपुर ने शासन-प्रशासन से रखी प्रमुख मांगें
छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता संघ द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शासन-प्रशासन से रखी प्रमुख मांगें इस महत्वपूर्ण मौके पर सारे पदाधिकारी मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता संघ द्वारा अतिथि व्याख्याता, ग्रंथपाल एवं क्रीडाधिकारी के लिए शासन-प्रशासन से प्रमुख मांगें :-
1. ₹ 50,000 एकमुश्त मासिक वेतन (मानदेय)
कारणः
प्रतिदिन ₹ 2,000 निर्धारित किया गया हैं
अन्य राज्यों में प्राथमिकता दी गई है
पुरे सत्र 2026 – 27 के किसी भी माह में 25 कार्य दिवस का मानदेय नहीं बनना
माह में 4-5 रविवार तथा 45 दिवस शासकीय, सार्वजनिक एवं राष्ट्रीय पर्व के अवकाश के कारण
2. मातृत्व अवकाश सवैतनिक किया जाए
कारणः
महिला अतिथि व्याख्याता भी तो महिला हैं, उन्हें भी नियमित अधिकारीयों जैसे ही समस्या होती हैं
महिला अतिथि व्याख्याता को भी इस अवधि में अतिरिक्त पोषण एवं देखभाल की आवश्यकता होती हैं
उनके नवजात शिशुओं के लिए 06 माह विशेष भरण पोषण एवं सुरक्षा अनिवार्य होती हैं
अन्य राज्यों में प्राथमिकता दी गई है
3. 65 वर्ष आयु तक सेवा (जॉब) सुरक्षा दी जाए
कारणः
हमे लोक सेवक नहीं मानने के कारण
हमे अभी तक हमारे किये कोई निश्चित श्रेणी निर्धारित नहीं की गई हैं
असुरक्षा के कारण नियमित एवं स्रानंतरण पर पदस्तापना पर प्रभावित होने के कारण
अन्य राज्यों में प्राथमिकता दी गई है
4. लोक सेवा आयोग एवं अतिथि व्याख्याता नियुक्ति में केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाए
कारणः
अन्य राज्यों में अतिथि व्याख्याता एवं अन्य नियुक्ति में छत्तीसगढ़ राज्य के निवासि6यों को प्राथमिकता नहीं मिलती है
छत्तीसगढ़ राज्य में उच्च शिक्षित बेरोजगारी अत्याधिक बढ़ चुकी हैं, जबकि राज्य में उच्च उपाधि धारक योग्य अभ्यार्थी हैं
भारतीय संविधान में प्रदात अधिकारों का हनन हो रहा है
छतीसगढ़ राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं तथा राज्य के भविष्य को अंधकार से बचाने
अन्य राज्यों में प्राथमिकता दी गई है
5. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक भर्ती में अतिथि व्याख्याताओं को 15-20 बोनस अंक दिया जाए
कारणः
अतिथि व्याख्याताओं को लम्बे समय 15 20 वर्षों से अधिक का अध्यापन अनुभव हैं
निरंतर अध्यापन क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, अपने रचनात्मका और कार्य कुशलता का विकास शोध पत्र प्रकाशन, कार्यशाला, संगोष्ठी एवं नवीनतम शोध कार्यों से प्राप्त कर रहे हैं
जबकि नियमित शिक्षाविदों का प्रदर्शन अतिथि व्याख्याताओं से आगे नहीं हैं
अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित योग्यता के आधार पर छटनी कर विषयवार वरीयता सूचि के अनुसार कर रहे हैं
अन्य राज्यों में प्राथमिकता दी गई है
6. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक भर्ती में अतिथि व्याख्याताओं को अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान किया जाए
कारणः
क्योंकि वह अपनी उत्कृष्ट मानसिक एवं शारीरिक दक्षता की आयु को गैर सरकारी अध्यापन सेवा में समर्पित कर दिए है
प्रत्येक वर्ष नियमित सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं करना शासन की उदाशीनता और नाकामी के कारण
योग्य अभ्यर्थियों को सही समय पर अवसर नहीं मिलना
अन्य राज्यों में प्राथमिकता दी गई है
संक्षेप में, गत वर्षों में शासकीय महविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति जुलाई माह में कर दी जाती थी, परन्तु नई अतिथि व्याख्याता नीति 2026 (यथा संशोधित 2026) दिनांक 17/07/2026 के आने के पश्चात् आज दिनांक 30.07.26 दिन गुरुवार तक नियुक्ति (कार्यभार) नहीं हो पाई हैं, जबकि आयुक्त, उच्च शिक्षा द्वारा जारी अकादमिक कैलन्डर अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026 – 27 में अध्यापन कार्य 01 जुलाई 2026 के प्रारंभ करने का निर्देश हैं इसलिए -किसी भी परिस्थिति में 01 अगस्त को राज्य के सभी शासकीय महविद्यालयों में स्पस्ट आदेश के साथ सभी अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य की एक ही दिनांक/दिन पर पूर्णरूप से 11 माह के लिए निश्चित नियुक्ति प्रदान की जायें।















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