नई दिल्ली। विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में सॉफ्ट वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के कारण मंगलवार को ₹5 प्रति लीटर की कटौती की गई है। अब दिल्ली में विमानन टरबाइन ईंधन की कीमत ₹110 प्रति लीटर पहुंच गई है, जो पिछले कुछ सप्ताह में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी दी।
एटीएफ की कीमतों में यह कटौती विमानन सेक्टर के लिए राहत की खबर है क्योंकि ईंधन की लागत विमानन कंपनियों की कुल लागत का बड़ा हिस्सा होती है। पिछले समय में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने एटीएफ की कीमतों को प्रभावित किया है। इस बार नरम अंतरराष्ट्रीय मार्केट की वजह से दामों में कमी आई है।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की भारी खरीदारी और ओपेक देशों द्वारा प्रोडक्शन कतरने की नीति के चलते बाजार में अस्थिरता बनी हुई थी, लेकिन हाल के दिनों में मांग में गिरावट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इसके परिणामस्वरूप भारत में भी विमान ईंधन की कीमतों को संशोधित किया गया है।
विमानन कंपनियों ने इस कदम का स्वागत किया है और माना कि इससे उनकी परिचालन लागत में कमी आएगी, जिससे हवाई यात्रा के किराए स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि वैश्विक बाजार का रुख आगे भी निगरानी में रखा जाना चाहिए क्योंकि ऊर्जा कीमतें बहुत तेजी से बदलती हैं।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि घरेलू विमानन ईंधन की कीमतों में बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार की घटनाओं को ध्यान में रखकर समय-समय पर किया जाता है, जिससे स्वरूप बाजार दरों के अनुरूप बना रहे। पिछले कुछ महीनों में कई बार कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
विशेषज्ञ यह भी सुझाव देते हैं कि यदि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो विमानन क्षेत्र में यह राहत दीर्घकालिक भी हो सकती है, जो यात्रियों के लिए भी फायदेमंद रहेगा। वहीं, ऊर्जा के अन्य स्रोतों को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ईंधन की आपूर्ति सुरक्षित एवं किफायती बनी रहे।
संक्षेप में, दिल्ली में विमान ईंधन की कीमतों में यह कटौती मौजूदा ऊर्जा बाजार की स्थितियों और वैश्विक तेल की कीमतों की नरमी का परिणाम है। उपभोक्ताओं और विमानन कंपनियों दोनों के लिए यह एक स्वागत योग्य खबर है, जिससे संभावना है कि आने वाले समय में भी ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी।














