नई दिल्ली: राम्या कन्नन, हेल्थ एडिटर, द हिन्दू, ने नित्रा इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्लीप साइंसेज के विशेषज्ञों से मुलाकात की जहां उन्होंने नींद के विज्ञान, आम नींद विकारों, निदान, उपचार और स्वस्थ नींद की आदतों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस खास रिपोर्ट में एक लाइव नींद अध्ययन का भी प्रदर्शन किया गया जो नींद के रहस्यों को समझने में सहायक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सही समय पर और पर्याप्त नींद न मिलने से कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि तनाव, मधुमेह, हृदय रोग और मानसिक विकार। नींद के दौरान हमारा मस्तिष्क और शरीर काफी सक्रिय रहते हैं तथा शरीर का पुनर्निर्माण होता है।
नित्रा इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों ने बताया कि नींद विकारों में सबसे आम हैं अनिद्रा, स्लीप एप्निया, नार्कोलेप्सी और रेस्टलेस लेग सिंड्रोम। ये विकार न केवल नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं बल्कि लंबे समय तक untreated रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकते हैं।
नींद अध्ययन या स्लीप स्टडी के दौरान मरीज को विशेष उपकरणों के माध्यम से उसकी नींद का परीक्षण किया जाता है। इस परीक्षण में मस्तिष्क की गतिविधि, दिल की धड़कन, साँस लेने की गति और मांसपेशियों की अवस्थिति पर नज़र रखी जाती है। लाइव डेमो में यह स्पष्ट किया गया कि कैसे ये आंकड़े विशेषज्ञों को निदान करने और उचित उपचार निर्धारित करने में मदद करते हैं।
डॉक्टरों ने स्वस्थ नींद के लिए कुछ सुझाव भी दिए जैसे कि नियमित समय पर सोना और जागना, सोने से पहले भारी भोजन न करना, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग और तनाव कम करने की तकनीकों को अपनाना। इसके अतिरिक्त, यदि किसी को नियमित रूप से नींद संबंधित समस्याएं हों तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक बताया गया।
राम्या कन्नन ने कहा, “इस रिपोर्ट के माध्यम से हमारा उद्देश्य जनता को नींद के महत्व और उसमें उत्पन्न हो सकने वाली परेशानियों के प्रति जागरूक करना है ताकि वे सही समय पर सही उपचार करवा सकें और स्वस्थ जीवन जी सकें।”















