पुणे। केतन हत्याकांड की जांच में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी चेतन चौधरी के करीबी दोस्त और कर्मचारी नीरज कुमार को हिरासत में लेकर उसकी भूमिका की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दिन नीरज का क्या कनेक्शन था और उसने किस प्रकार योगदान दिया।
जांच अधिकारीयों के अनुसार, जिस दिन लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान केतन की हत्या हुई, आरोपी चेतन चौधरी अपने मोबाइल फोन को घर या दुकान पर छोड़कर गया था। इसके बजाय फोन लेने वाला नीरज कुमार था। पुलिस ने पाया है कि चेतन चौधरी और सह-आरोपी सिया गोयल नीरज के मोबाइल फोन के माध्यम से ही एक-दूसरे से संपर्क में थे।
चेतन के चाचा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चेतन अक्सर फोन का इस्तेमाल करने के लिए नीरज का फोन लेता था। वे दोनों लगभग पारिवारिक स्तर पर एक-दूसरे के फोन का इस्तेमाल करते थे। नीरज पिछले तीन-चार वर्षों से उनके परिवार के साथ काम कर रहा है और काफी करीब माना जाता है।
पुलिस का मानना है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने एक कैफे में मिलकर केतन की हत्या की योजना बनाई थी। कई असफल प्रयासों के बाद दोनों ने आखिरकार लोहगढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हत्या को अंजाम दिया।
अब जांच की सबसे बड़ी दिशा नीरज के फोन और उससे जुड़े कॉल रिकॉर्ड, चैट्स तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की ओर केंद्रित है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या नीरज को चेतन और सिया के बीच की योजनाओं की जानकारी थी या वह पूरी घटना में किसी तरह शामिल था। फिलहाल नीरज से गहन पूछताछ जारी है और पुणे पुलिस हर पहलू से इस घटना की जांच कर रही है। मामले की प्रगति के प्रति पुलिस और परिवार दोनों ही निरंतर अपडेट देने में तत्पर हैं।















