रुद्रप्रयाग, 21 जून 2026: शनिवार शाम से जारी निहंग समूह द्वारा गुरुद्वारे पर कब्जे और छत पर सिख श्रद्धालु के बंधक बनाए जाने की घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच रविवार को जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में होने का दावा किया है।
20 जून की शाम तब तक शांतिपूर्ण दिख रहे गुरुद्वारे के आसपास अचानक तनाव का माहौल बन गया जब एक निहंग समूह ने मंदिर पर धावा बोल दिया और एक सिख श्रद्धालु को छत पर बंधक बना लिया। इस घटना के बाद प्रशासन ने फोर्स को मौके पर बुलाकर आपातकालीन स्थिति घोषित की।
स्थानिक पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थिति गंभीर बनी हुई थी और हम सावधानी पूर्वक कार्रवाई कर रहे थे ताकि किसी को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि रविवार सुबह तक डेट्री प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में माना है और मामला शांतिपूर्ण है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली थी, लेकिन पुलिस की तत्परता के कारण किसी प्रकार की अप्रिय घटना टली। पुलिस ने घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “हम स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में लेकर आए हैं। लोगों से अपील है कि वह शांति बनाए रखें और अफवाहों से बचें।” उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषियों को क़ानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से धार्मिक सद्भाव को खतरा होता है इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतना आवश्यक है। प्रशासन भी इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि जल्द से जल्द क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
इस घटना ने रुद्रप्रयाग जिले एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है और भारी संख्या में बल के साथ निगरानी बढ़ा दी गई है।
अभी तक घटना के पीछे मुख्य कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।
रुद्रप्रयाग के निवासियों ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए शांति बनाए रखने का आह्वान किया है ताकि धार्मिक स्थलों पर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह मामला आगामी दिनों में भी तनावपूर्ण बना रह सकता है, ऐसे में सभी संबंधित पक्षों से संयम और समझदारी की अपेक्षा की जा रही है। प्रशासन की तत्परता और समाज के सहयोग से ही इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता है।













