मेरठ: अच्छरोंडा गांव के पास स्क्रैप और रुई के ढेर में लगी भीषण आग के बाद क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई फैक्ट्रियां पर्यावरणीय मानकों का पालन नहीं कर रही हैं, जिसके कारण आए दिन प्रदूषण और आगजनी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
शनिवार को लगी आग से पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार फैल गया था। ग्रामीणों का कहना है कि घटना ने उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी फैक्ट्रियों की जांच कराई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री कचरे का उचित निस्तारण नहीं किया जाता, बल्कि उसे खाली प्लॉटों में फेंक दिया जाता है। यही कचरा बाद में आग का कारण बनता है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि औद्योगिक गतिविधियों के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से नियमित निरीक्षण और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।














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