मुल्लांपुर: भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। सबसे अधिक चर्चा बल्लेबाजी क्रम को लेकर हो रही है, खासकर नंबर-3 की पोजिशन पर। इस बीच भारतीय टीम के मुख्य कोच Gautam Gambhir ने युवा बल्लेबाज Sai Sudharsan को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिससे संकेत मिले हैं कि उन्हें इस महत्वपूर्ण स्थान पर बल्लेबाजी का मौका दिया जा सकता है।
मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन को अभी तक जितने अवसर मिलने चाहिए थे, उतने नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को पर्याप्त समय और भरोसा देने में विश्वास रखता है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित कर सकें।
साई को लंबा मौका देने के पक्ष में टीम मैनेजमेंट
गौतम गंभीर ने साफ कहा कि किसी खिलाड़ी की क्षमता का आकलन केवल चार या पांच मैचों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यदि टीम को भविष्य के लिए मजबूत खिलाड़ियों का समूह तैयार करना है तो प्रतिभाशाली युवाओं को लगातार अवसर देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि साई सुदर्शन पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम प्रबंधन उनकी प्रगति से संतुष्ट है। यही कारण है कि उन्हें बल्लेबाजी क्रम में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम
मुख्य कोच ने साई सुदर्शन के आईपीएल 2026 अभियान की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज ने पूरे टूर्नामेंट में लगभग 700 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
गंभीर के मुताबिक, जब कोई खिलाड़ी लगातार रन बना रहा हो और आत्मविश्वास से भरा हो, तो उसे बड़े स्तर पर मौका मिलना चाहिए। ऐसे प्रदर्शन को नजरअंदाज करना किसी भी टीम के लिए सही नहीं होगा।
देवदत्त पडिक्कल के साथ प्रतिस्पर्धा
नंबर-3 स्थान के लिए Devdutt Padikkal भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। हालांकि कोच के बयान के बाद साई सुदर्शन की दावेदारी अधिक मजबूत दिखाई दे रही है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया फॉर्म और टीम प्रबंधन के समर्थन को देखते हुए साई को अंतिम एकादश में प्राथमिकता मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला मैच शुरू होने से पहले ही स्पष्ट होगा।
भविष्य की टेस्ट टीम तैयार करने पर जोर
गौतम गंभीर ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ यह टेस्ट मैच केवल एक मुकाबला नहीं है, बल्कि भारतीय टेस्ट टीम के भविष्य को आकार देने का अवसर भी है। टीम प्रबंधन ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना चाहता है जो आने वाले वर्षों में टीम की जिम्मेदारी संभाल सकें।
उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया में केवल वर्तमान प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि खिलाड़ी की दीर्घकालिक क्षमता को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
श्रीलंका दौरे के लिए चार स्पिनरों की तैयारी
मुख्य कोच ने आगामी श्रीलंका दौरे की योजनाओं का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम चार स्पिन गेंदबाजों का मजबूत समूह तैयार करना चाहती है क्योंकि श्रीलंका की पिचों पर स्पिनरों की भूमिका काफी अहम रहती है।
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच टीम को अपने स्पिन विकल्पों को परखने का अवसर देगा और इससे आगामी सीरीज के लिए चयन प्रक्रिया आसान होगी।
स्पिन विभाग में दिलचस्प मुकाबला
बाएं हाथ के स्पिनर Manav Suthar और Harsh Dubey के बीच भी जगह को लेकर मुकाबला जारी है। गंभीर ने कहा कि दोनों गेंदबाज प्रतिभाशाली हैं और उनकी गेंदबाजी शैली में कुछ अलग खूबियां हैं।
उन्होंने बताया कि टीम प्रबंधन यह देखना चाहता है कि कौन खिलाड़ी विभिन्न परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है और भविष्य की योजनाओं में अधिक उपयोगी साबित होगा।
ऋषभ पंत पर भी बोले गंभीर
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज Rishabh Pant को टेस्ट टीम की उपकप्तानी से हटाए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि टीम को उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा है।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पंत को खेल की परिस्थितियों को और बेहतर ढंग से समझने की जरूरत है। गंभीर के अनुसार, पंत भारतीय टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं और आगे भी टीम की योजनाओं का अहम हिस्सा बने रहेंगे।
साई सुदर्शन के लिए बड़ा अवसर
अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच साई सुदर्शन के लिए करियर का एक बड़ा मौका साबित हो सकता है। यदि उन्हें नंबर-3 पर बल्लेबाजी का अवसर मिलता है, तो उनके पास खुद को टेस्ट क्रिकेट में स्थापित करने का सुनहरा अवसर होगा।
गौतम गंभीर के बयान ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जता रहा है और उन्हें लंबे समय तक मौके देने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में साई सुदर्शन की भूमिका इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है।















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