Politics

बीजेपी का दावा: राहुल गांधी ने ‘अवैध घुसपैठियों’ के पक्ष में खड़े होकर SIR का विरोध किया

BJP says LoP Rahul Gandhi opposed SIR as he sided with 'illegal infiltrators'

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को विशेष तैयारी चुनावी मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया संचालित करने का अधिकार दिया है। इस निर्णय के अनुसार, चुनाव आयोग द्वारा यह प्रक्रिया संवैधानिक और निष्पक्ष चुनावों के लिए आवश्यक माना गया है।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला चुनाव आयोग को मतदाता नामावली में संशोधन करने, अवैध और डुप्लीकेट वोटरों की पहचान कर उन्हें हटाने की अनुमति प्रदान करता है, जिससे आगामी चुनावों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों के पूर्ण अनुरूप है।

इस फैसले के बाद, भाजपा ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने इस संशोधन प्रक्रिया का विरोध किया, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि वे ‘अवैध मतदाताओं’ के समर्थक हैं। भाजपा का कहना है कि इस विरोध का मकसद मतदाता सूची में अनधिकृत व्यक्तियों को शामिल बनाए रखना है, जो चुनाव प्रक्रिया की सच्चाई को प्रभावित करता है।

कांग्रेस की ओर से अभी तक इस समर्थन में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस पूर्व में मतदाता सूची संशोधन की कुछ प्रक्रियाओं को लेकर अपने विभिन्न تحفظ प्रकट करती आई है, लेकिन आज की स्थिति में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर कोई विशिष्ट बयान नहीं दिया है।

विशेष तैयारी चुनावी मतदाता सूची संशोधन (SIR) की प्रक्रिया के तहत, चुनाव आयोग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यापक स्तर पर अधिनियम लागू करेगा। यह प्रक्रिया मतदाता सूची में अवैध प्रविष्टियों को हटाने और नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए है। इससे मतदाता सूची की सटीकता में वृद्धि होगी तथा भविष्य के चुनाव निष्पक्ष होंगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, चुनाव आयोग द्वारा यह कदम लोकतंत्र के मजबूत पक्ष को दर्शाता है और मतदाता सूची के संपूर्ण सुधार के लिए आवश्यक है। इससे न केवल मतदाता सूची की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि चुनाव में धांधली के आरोप कम होंगे तथा नागरिकों का चुनावी विश्वास बढ़ेगा।

राजनीतिक दलों और नागरिक समाज की प्रतिक्रियाओं पर नजर रखी जा रही है क्योंकि यह मामला आगामी चुनावों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। आगामी समय में चुनाव आयोग द्वारा इस प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करना और सभी पक्षों का सहयोग लेना आवश्यक होगा ताकि भारतीय लोकतंत्र सुदृढ़ बने।

Source

Follow us on facebook

Live Videos

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Advertisements

Our Visitor

0808781