मुंबई, 27 मई: प्रसिद्ध अभिनेता रामकांत दयामा का 26 मई को निधन हो गया। वे बॉलीवुड, टेलीविजन और थिएटर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाने जाते थे। दयामा ने फिल्म और रंगभूमि दोनों में भारतीय मनोरंजन उद्योग को समृद्ध किया और अपनी विशिष्ट भूमिका और जीवंत अभिनय के लिए पहचान बनाई।
उनके निधन से मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनकी सहकर्मी शुुभांगी लाटकऱ ने उन्हें एक जीवंत, प्रेरणादायक और समर्पित कलाकार के रूप में याद किया। उन्होंने कहा, “रामकांत दयामा का अभिनय में निपुणता और समर्पण अद्भुत था। उनका उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण हर किसी के लिए प्रेरणा स्रोत था।”
साथ ही, सीआईएनटीएए (CINTAA) ने भी उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया और कहा कि दयामा जी ने इस संस्था के माध्यम से कलाकारों के अधिकारों और कलात्मकता के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
रामकांत दयामा की बेटी, अभिनेत्री यशस्विनी दयामा ने भी अपने पिता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनके पिता न केवल एक प्रतिभाशाली कलाकार थे, बल्कि एक अद्भुत पितृत्व का उदाहरण भी थे।
दयामा ने अपनी लंबी और समृद्ध करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाई, जिनमें ‘चक दे! इंडिया’ जैसी प्रमुख फिल्मों में उनकी उपस्थिति दर्शकों के दिलों में आजतक बनी हुई है। उन्होंने थिएटर को भी कभी नहीं छोड़ा और नए कलाकारों को प्रशिक्षित करने में हमेशा आगे रहे।
यह दुखद समाचार न केवल उनके परिवार बल्कि तमाम कला और सिने प्रेमियों के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके योगदानों को हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
रामकांत दयामा के निधन से भारतीय सिनेमा और थिएटर की एक चमकदार प्रतिभा चली गई, लेकिन उनकी यादें और उनके द्वारा छोड़ा गया कलात्मक धरोहर हमेशा जीवित रहेगा।














