देश को कब मिलेगा मुस्लिम प्रधानमंत्री? 16 साल पहले राहुल गांधी ने क्या दिया था जवाब
मुस्लिम प्रधानमंत्री को लेकर बहस के बीच राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते हैं कि जो योग्य होगा वह प्रधानमंत्री बनेगा। इसके लिए जरूरी नहीं कि वह सिख हो या फिर मुस्लिम। एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद देश में मुस्लिम प्रधानमंत्री को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। ओवैसी ने कहा कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी समुदायों के लोगों को समान दर्जा देता है जबकि पाकिस्तान का संविधान शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए केवल एक ही समुदाय तक सीमित है। इसके बाद कांग्रेस ने कहा कि ओवैसी दिन में तारे देख रहे हैं। महाराष्ट्र की रैली में उन्होंने यह जवाब दिया है।
हमें सिख प्रधानमंत्री मिला- राहुल गांधी
इसी बीच सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के किसी कार्यक्रम का है। इसमें एक छात्रा सवाल करती है कि भारत को पहला मु्स्लिम प्रधानमंत्री कब मिलेगा? इसपर राहुल गांधी कहते हैं कि यह सवाल आपके लिए भी है। आप जैसे लोग निकलकर बाहर आएं और अच्छे नेताओं की जरूरत है। आज आपको सिख प्रधानमंत्री मिला। लोगों ने कभी नहीं सोचा होगा कि हमें सिख प्रधानमंत्री मिलेगा। देश में सिखों की संख्या बहुत कम है। लेकिन यह मायने नहीं रखता।
मुस्लिम पीएम पर क्या कहा था
राहुल गांधी ने कहा, इस देश में यह मायने नहीं रखता कि आप किस धर्म या समुदाय से हैं। बात सिर्फ इतनी है कि आपमें क्षमता कितनी है।आज मनमोहन सिंह जी एक सिख प्रधानमंत्री हैं और वह इसलिए नहीं हैं कि वह एक सिख हैं। वह इसलिए प्रधानमंत्री हैं क्योंकि वह योग्य हैं। अगर कोई मुसलमान भी प्रधानमंत्री बनेगा तो इसलिए बनेगा कि वह एक योग्य व्यक्ति है, ना कि इसलिए वह मुस्लिम है।
ओवैसी के बयान पर क्या बोली है बीजेपी
बीजेपी ने ओवैसी की इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने कहा अपने ‘गैरजिम्मेदाराना’ बयान के माध्यम से हैदराबाद के सांसद ‘आधा सच’ पेश कर रहे हैं क्योंकि मुस्लिम महिलाएं हिजाब नहीं पहनना चाहतीं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख ओवैसी ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत का संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है, पाकिस्तान के संविधान की तरह नहीं जो शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए केवल एक ही समुदाय तक सीमित है।’ उन्होंने कहा कि शायद वह इसे देखने के लिए जीवित न रहें लेकिन भविष्य में ऐसा समय जरूर आएगा जब हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री पद की शपथ लेगी।















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