Chhattisgarh कांग्रेस पार्टी

Petrol and diesel prices rise steadily, people attacked the center: Mohammad Aslam

Modi government ruthless in ego and selfishness: Congress

Raipur / 21 February 2021. State Congress spokesman Mohammad Aslam has said that the sky’s high prices of petrol, diesel and gas are affecting the middle and lower classes of the country badly. Due to insensitivity of the government, people have to abandon vehicles and resort to public transport. The central government has no control over inflation and the prices of petrol-diesel and LPG along with everyday things are constantly increasing. For the last two weeks, the prices of petroleum products have been increasing continuously, in two months, the price of gas cylinders has increased by Rs 175, while the prices of petrol and diesel have increased 12 times in 18 days. For families already facing financial crisis due to Corona, this is nothing short of a clash but the central government is watching the spectacle by putting the burden of reducing tax on the states.
Taking a dig at the central government, Mohammad Aslam said that the government is not taking any steps to provide relief to the common people from inflation and rising prices. In the Corona era, the extreme economy is not yet fully back on track, business of people is not going on. The government does not care about how the workers of street, street and daily earners are spending their lives. Poor and middle class families are very upset with this situation. The rapid increase in the prices of daily used things like petrol, diesel and gas is very worrying. The price of petrol diesel, which has reached 3 points, has given a shock to the people. In the era of the UPA government, the BJP, which destabilized the government on the increase of petrol diesel prices, is now sitting silently on the inflation. He asked where did his sympathy and sympathy go now? The day-to-day increase in fuel prices has not only broken the back of the farmers, but the transporters are also at a huge disadvantage. Due to increase in the price of domestic gas, the budget of the housewives has deteriorated. With the increase in the price of diesel petrol, there seems to be a difference in the rate of everything, the government will have to cut the rate immediately by taking back the increase keeping in view the problems of the people.
Congress spokesperson Aslam said that the Modi government should provide relief to the people from this staggering inflation, but they are enjoying making people cry tears by collecting taxes. The central government is only serving its interest in the oil game, they do not care about the public. If the Government had good intentions, it could have provided relief to the people by reducing tax collection. In the international market, the price of crude oil is low, while the price of petrol has been fixed at 3 to 4 times the rate. If this is the situation, then it seems that petrol will reach 150 / – breaking all records. In some states it has crossed 100 rupees.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि, लोगों पर केन्द्र का प्रहारः मो. असलम

अहंकार और स्वार्थ में निर्मम हुई मोदी सरकारः कांग्रेस

रायपुर/21 फरवरी 2021/ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मोहम्मद असलम ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आसमान छूती कीमतों से देश का मध्यम और निम्न वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सरकार की असंवेदनशीलता के कारण लोगों को वाहन छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार का महंगाई पर नियंत्रण नहीं है और रोजमर्रा की चीजों के साथ पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के मूल्य में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले दो हफ्ते से लगातार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि हो रही है, दो महीने में गैस सिलेंडर की कीमत में 175 रूपए की बढ़ोत्तरी हो चुकी है जबकि 18 दिनों में 12 बार पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में वृद्धि हो चुकी है। कोरोना के चलते पहले ही आर्थिक बदहाली झेल रहे परिवारों के लिए यह किसी बज्रपात से कम नहीं है लेकिन केन्द्र सरकार टैक्स कम करने का बोझ राज्यों पर डालकर तमाशा देख रही है।
मोहम्मद असलम ने केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार आम लोगों को मंहगाई और बढ़ती कीमतों से राहत देने कोई कदम नहीं उठा रही है। कोरोना काल में चरमराई अर्थव्यवस्था अभी पूरी तरह पटरी पर नहीं आई है, लोगों का कारोबार नहीं चल रहा है। रेहड़ी, पटरी वाले और रोज कमाने खाने वाले मजदूर अपना जीवन कैसा बिता रहे हैं इसकी सरकार को परवाह नहीं है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार इस हालात से बेहद परेशान हैं। पेट्रोल-डीजल और गैस जैसी दैनिक इस्तेमाल की चीजों की कीमतों में जिस तेजी से वृद्धि हो रही है वह बेहद चिंतनीय है। 3 अंकों पर पहुंच चुके पेट्रोल डीजल के भाव ने लोगों को करंट जैसा झटका दिया है। यूपीए सरकार के दौर में थोड़ा भी पेट्रोल डीजल के भाव बढऩे पर सरकार को अस्थिर करने वाले भाजपाई अब महंगाई की करंट लगने पर चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने पूछा कि अब कहां गई उनकी संवेदना और सहानुभूति? ईंधन की कीमतों में दिन-प्रतिदिन हो रही बेतहाशा वृद्धि ने ना सिर्फ किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है बल्कि ट्रांसपोर्टर भी भारी नुकसान में हैं। वही घरेलू गैस के दाम बढऩे से गृहणियों का बजट खराब हो गया है। डीजल पेट्रोल के दाम बढऩे से हर चीजों के दर में फर्क पडऩे लगता है सरकार को लोगों की तकलीफों को ध्यान में रखते हुए वृद्धि को तुरंत वापस लेकर दर में कटौती करना जनहित में होगा।
कांग्रेस प्रवक्ता मो. असलम ने कहा कि मोदी सरकार को चाहिए कि इस कमरतोड़ महंगाई से जनता को राहत दिलाए, लेकिन उन्हें टैक्स वसूलकर लोगों को खून के आंसू रुलाने में ही लुत्फ आ रहा है। तेल के खेल में केंद्र सरकार केवल अपना हित साध रही है जनता की उन्हें कोई परवाह नहीं है। सरकार की मंशा अगर अच्छी होती तो वह टैक्स वसूली कम कर के लोगों को राहत प्रदान कर सकती थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत कम है, जबकि 3 से 4 गुना अधिक दर पर पेट्रोल की कीमत निर्धारित की गई है। यही स्थिति रही तो लगता है सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए अब पेट्रोल 150/-तक पहुंच जाएगा। कुछ राज्यों में तो यह 100 रुपए से पार निकल गया है।

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