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प्रथम चरण में 1303 विद्यालयों के शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा का प्रशिक्षण : डीजी दुनिया

आईसीटी योजना ’डीजी दुनिया’ के डिजिटल कक्ष में स्कूली बच्चों को रोचक ढंग से मल्टीमीडिया के माध्यम से शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के सात जिलों बालोद, बेमेतरा, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, रायपुर, राजनांदगांव के 1303 विद्यालय में डीजी दुनिया संबंधी शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से 24 विकासखण्डों के 36 केन्द्र (विकासखण्ड स्तरीय विद्यालय) में 7 नवम्बर से शुरू हो चुका है, जो 30 नवम्बर तक चलेगा। उल्लेखनीय है कि डीजी दुनिया योजनातंर्गत शासकीय विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब सह डिजिटल क्लास की स्थापना की जा रही है। यहां 515 विद्यालयों में डिलिटल क्लास सह कम्प्यूटर लैब और 788 विद्यालयों में डिजिटल क्लास स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला दुर्ग और रायपुर में शिक्षक संख्या अधिक होने के कारण विकासखण्ड दुर्ग और धरसींवा में 2-2 प्रशिक्षण केन्द्र निर्धारित किए है। राज्य स्तर से विभाग के अधिकारियों ने रायपुर के चौबे कालोनी स्थित मायाराम सुरजन शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्रशिक्षण केन्द्र का अवलोकन किया। प्रथम चरण में संबंधित जिलों के चयनित प्रशिक्षण केन्द्र/विद्यालयों में अधिकतम 40-40 शिक्षकों के बैच में केन्द्रानुसार 3 से 6 बैच में शिक्षण प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से दिया जा रहा है। डीजी दुनिया योजनातंर्गत डिजिटल क्लास का प्रशिक्षण केन्द्र में प्रति बैच 6 दिवस (तीन दिवसीय प्रशिक्षण और तीन दिवसीय कार्यानुभव) का होगा। कम्प्यूटर लैब सह डिजिटल क्लासरूम का प्रशिक्षण प्रति बैच 6 दिवसीय (तीन दिवसीय प्रशिक्षण-प्रशिक्षण केन्द्र पर और तीन दिवसीय कार्यानुभव संबंधित के विद्यालय) में प्रदान किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि प्रशिक्षण में नवीन इलेक्ट्रानिक संसाधनों के समुचित, सार्थक उपयोग के लिए शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु विकासखण्ड द्वारा मास्टर ट्रेनर को समय सारणी अनुसार पूर्ण प्रशिक्षण अवधि के लिए चयनित प्रशिक्षण केन्द्र में उपस्थित रहने के संबंध में संबंधित संस्था प्रमुखों को निर्देशित करें। प्रशिक्षण केन्द्र, विद्यालयों के प्राचार्यों को प्रशिक्षण के लिए आवश्यकतानुसार लैब एवं कक्षा-कक्ष उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए है। प्रशिक्षण में प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम 8 शिक्षक सहभागिता करेंगे। एक विद्यालय से शिक्षकों को 1-1, 2-2 या 3-3 के समूह में बिना शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित किए प्रशिक्षण हेतु (प्रति बैच अधिकतम 40 की सीमा का ध्यान रखते हुए) प्रशिक्षण केन्द्र में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के संबंध में विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है।

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