वन विभाग के 3630 दैनिक वेतनभोगियों का होगा समाहितीकरण, 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को मिलेगा आकस्मिकता कार्यभारित का लाभ
लोकेशन – रायपुर
रिपोर्टर – मजहर इकबाल
छत्तीसगढ़ वन विभाग में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। विभाग में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके 3630 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को जल्द ही आकस्मिकता कार्यभारित सेवा नियमों के तहत रिक्त पदों पर समाहित किया जाएगा।
शासन स्तर पर इस संबंध में सहमति बन चुकी है और जल्द ही आदेश जारी होने की उम्मीद है। इस फैसले से वर्षों से नियमितीकरण की आस लगाए बैठे हजारों वन कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर है।
गौरतलब है कि ये कर्मचारी वन सुरक्षा, वन्य प्राणी सुरक्षा, डिपो संचालन, वाहन चालक, कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर और कार्यालय सहायक के रूप में पूर्ण जिम्मेदारी व पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए आ रहे हैं। शासन द्वारा इन्हें अब तक इन्हेश्रमायुक्त दर पर वेतन भुगतान किया जा रहा था। आकस्मिकता कार्यभारित सेवा नियम 2024 लागू होने से इन्हें वेतन, भत्ते पेंशन और सेवा सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
फेडरेशन के संगठन मंत्री विजय पटेल ने कहा की कर्मचारी नेता रामकुमार सिन्हा के प्रयासों को मिली सफलता छत्तीसगढ़ में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ पंजीयन क्रमांक 548 के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिन्हा के अथक प्रयासों से यह सफलता मिली है।
श्री रामकुमार सिन्हा वन विभाग ने पिछले कई वर्षों से लगातार संघर्ष करते हुए शासन, वन बल प्रमुख और वित्त विभाग के समक्ष 10 वर्ष सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों के नियमितीकरण/समाहितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया था। उनके नेतृत्व में प्रदेश भर में अनेको आंदोलन, ज्ञापन और अनवरत वार्ता का दौर चला। इस ऐतिहासिक फैसले के लिए समस्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने अपने नेता रामकुमार सिन्हा को बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया है। कर्मचारियों का कहना है कि रामकुमार सिन्हा ने हमेशा दैनिक वेतन कर्मचारियों के हित को सर्वोपरि रखा है और प्रयासरत ऱहा और वर्तमान में प्रयासरत है।
फेडरेशन के संगठन मंत्री विजय पटेल ने बताया की रामकुमार सिन्हा छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक भी है कांग्रेस शासनकाल में उनके नेतृत्व में भी धरना हुआ,वन विभाग नें स्वयं अपने बेरनर तले 34 दिनों तक अनिश्चित कालीन हड़ताल किया! मुख्य मंत्री भूपेश बघेल और उप मुख्य मंत्री टी.एस.सिंह देव से मुलाकात कर प्रस्तुत प्रस्ताव के आधार पर 52 विभागों में कार्यरत 50 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों एवं श्रमिकों के लिए 240 करोड़ रूपया श्रम सम्मान राशि का घोषणा किया गया था!चर्चा के दौरान प्रत्यक्षादर्शी मैं स्वयं रहा!
श्री सिन्हा मजबुत ईरादा के सांथ अपने लक्ष्य की ओर प्रबलता के सांथ कदम रखने वाले है
जिसके कारण उधानिकी विभाग सदैव उनके सांथ कदम मिलाकर चलने के लिए तत्पर रहते हैं।
अब भी समय है अन्य समस्त विभाग के दैनिक वेतनभोगी फेडरेशन के सांथ कंधा से कंधा मिलाकर चले हो सकता है आपका भी भाग्य बदल जाये!
संघर्ष करने वालों को ही सफलता मिलता है, घर में चुपचाप बैठे रहने वालों को नहीं मिलता है, आज जो भी 4,000 श्रम सम्मान राशि मिल रहा है वन विभाग के संगठन व फेडरेशन की देन है!















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