लद्दाख, 27 अप्रैल 2024: पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लद्दाख प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाते हुए संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों, जिनमें प्रसिद्ध पैंगॉन्ग झील भी शामिल है, में अवैध ऑफ-रोडिंग करने वाले चार पर्यटकों पर कुल 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई इस तरह के उल्लंघनों के खिलाफ पहली बार इतनी सख्त रूप में की गई है, जिससे दिखता है कि सरकार क्षेत्र के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए गंभीर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये चार पर्यटक हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश से आए थे। उन्हें लद्दाख क्षेत्र के संरक्षित और संवेदनशील क्षेत्रों में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह का व्यवहार न केवल कानूनी रुप से गलत है, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए भी अत्यंत हानिकारक है।
लद्दाख प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ‘‘यह पहली बार है जब इतनी बड़ी धनराशि का जुर्माना लगाया गया है। हमारा उद्देश्य है कि पर्यटकों में जागरूकता लाएं और साथ ही नियम-कानूनों का पालन कराएं ताकि लद्दाख का पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रह सके।’’
अवैध ऑफ-रोडिंग करने वाले पर्यटकों की गाड़ियां प्रशासन द्वारा जब्त कर ली गई हैं, और उन्हें जुर्माना जमा किए बिना वापस नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की हरकतों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि नाजुक पर्यावरण को कोई खतरा न पहुंचे।
स्थानीय वन विभाग और पर्यटन प्रशासन ने मिलकर इस विषय पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भी पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस क्षेत्र की जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को नष्ट होने से बचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है।
लद्दाख की सरकार ने पर्यटकों से अपील की है कि वे क्षेत्र के नियमों का पालन करें और संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचें। पर्यावरण संरक्षण हर किसी की जिम्मेदारी है और इसे लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से एक स्पष्ट संदेश गया है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ने वाला है और पर्यटकों को भी इस दिशा में सहयोग करना होगा। लद्दाख के fragile ecosystem को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ऐसे नियम और कड़े कदम जरूरी हैं।














