नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) और उसका सहायक डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) 15 जुलाई से लागू होने जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण समझौते की शुरुआत के मद्देनजर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल यूके का दौरा करेंगे, जहां वे इस समझौते की तैयारियों का जायजा लेंगे।
भारत और यूके के बीच इस समझौते को लेकर लंबे समय से वार्ता चल रही थी, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना और निवेश के नए अवसर सृजित करना है। CETA द्वारा दोनों देशों के बीच व्यापार में विद्यमान बाधाओं को कम करते हुए वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को संभव बनाया जाएगा।
पीयूष गोयल के इस दौरे का मुख्य फोकस व्यापारिक नीतियों और सहयोग के क्षेत्रों की समीक्षा करना है ताकि 15 जुलाई के बाद समझौता सफलतापूर्वक लागू हो सके। साथ ही, वे दोनों देशों के व्यापारिक प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के प्रमुख व्यक्तियों से भी मुलाकात करेंगे ताकि आगामी व्यापारिक अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की जा सके।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि CETA के तहत भारत और यूके कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे, जिनमें प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, सेवा क्षेत्र, कृषि उत्पाद, और डिजिटल कॉमर्स शामिल हैं। इसके अलावा, DCC समझौता कराधान क्षेत्र में सहयोग को सुनिश्चित करेगा ताकि दोनों देशों के निवेशकों को अत्यधिक कर बोझ से राहत मिल सके।
इस समझौते से लगभग 1.5 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यापार समझौता भारत के ग्लोबल सप्लाई चेन में शामिल होने की रणनीति को मजबूत करेगा और यूके के साथ साझेदारी को और गहरा करेगा।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य सिर्फ व्यापार बढ़ाना नहीं है, बल्कि इसमें टिकाऊ विकास, पारस्परिक सम्मान और किसानों सहित सभी हितधारकों के लिए लाभ सुनिश्चित करना भी शामिल है।
यह दौरा वाणिज्य मंत्री के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत के विश्व व्यापार मंच पर स्थिति को मजबूत करेगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए मार्ग खोलेगा। उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद भारत-यूके व्यापार संबंधों में नई ऊर्जा और विस्तार देखने को मिलेगा।















