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पूर्व मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने कर्नाटक मंत्री प्रियंक खर्गे पर RSS को लेकर सवाल उठाने पर हमला किया

Former minister K S Eshwarappa criticises Karnataka Minister Priyank Kharge for RSS queries

बेंगलुरु, 27 अप्रैल 2024: कर्नाटक के पूर्व मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खर्गे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर सवाल उठाने के लिए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईश्वरप्पा ने कहा कि अगर वे वास्तव में RSS के खिलाफ कोई कार्रवाई करना चाहते हैं तो उन्हें कानून के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने में समय बिताना चाहिए।

के एस ईश्वरप्पा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “प्रियंक खर्गे को गृह मंत्री होने के नाते कानून का पालन करना चाहिए और जहां भी आवश्यक हो, उचित कार्रवाई करनी चाहिए। केवल सवाल उठाने से कुछ नहीं होगा। अगर उन्हें लगता है कि RSS के खिलाफ कोई अवैध गतिविधि हो रही है तो उन्हें त्वरित और ठोस कदम उठाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोधी दलों को मात्र आरोप-प्रत्यारोप लगाकर जनता को भ्रमित करने की बजाय मुद्दों का वास्तविक समाधान ढूंढना चाहिए।

प्रियंक खर्गे ने हाल ही में RSS को लेकर कई सवाल उठाए थे, जिनमें संगठन की भूमिका और गतिविधियों पर संदेह जताया गया था। इसके जवाब में ईश्वरप्पा ने कहा कि RSS एक वैधानिक संगठन है जो भारतीय समाज में कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय है। उन्होंने कहा, “अगर संगठन कानून का उल्लंघन करता है तो कानून अपना काम करेगा। किसी भी संगठन पर आरोप लगाना और बिना प्रमाण के सवाल उठाना केवल राजनीतिक रंजिश को दर्शाता है।”

राजनीतिक गलियारे में यह विवाद चर्चा का विषय बन गया है, जहां कुछ विश्लेषक इसे आगामी चुनावों से जोड़कर देख रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस बहस का लाभ उठाने की कोशिश की है, तो वहीं समर्थक इसे सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के जरूरी पहलू के रूप में देख रहे हैं।

देश और खासकर कर्नाटक प्रदेश में कानून और व्यवस्था बनाए रखना गृह मंत्री की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में ईश्वरप्पा की टिप्पणी राजनीतिक बहस को और तीव्र कर सकती है। आम जनता के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गृह मंत्री अपने दायित्वों को किस प्रकार निभाते हैं और वास्तविक मुद्दों पर कार्रवाई करते हैं या केवल बयानबाजी तक सीमित रहते हैं।

आगे की राजनीति में इस विवाद का क्या असर होगा, यह समय बताएगा, लेकिन फिलहाल के एस ईश्वरप्पा का बयान साफ है कि कम बोलो और ज्यादा काम करो, विशेषकर जब आप सरकारी पद पर हों।

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