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IIT-K ने CBSE पोर्टल की ‘कमजोरियों’ की पहचान करने वाले एथिकल हैकर को किया शामिल

IIT-K hires ethical hacker who flagged ‘vulnerabilities’ in CBSE portal

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT-K) ने एक नई पहल के तहत साइबर सुरक्षा की दुनिया में प्रतिभाशाली छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष बैचलर डिग्री कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स में प्रवेश सामान्य जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा के बजाय एक हैकाथॉन के जरिए होगा। यह जानकारी संस्थान के निदेशक डॉ. मनिंद्र अग्रवाल ने हाल ही में साझा की।

डॉ. मनिंद्र अग्रवाल के अनुसार, पारंपरिक परीक्षाओं के बजाय इस नए प्रवेश पद्धति से छात्रों की वास्तविक तकनीकी क्षमता और समस्या सुलझाने की योग्यता का आकलन किया जाएगा। हैकाथॉन के माध्यम से प्रतिभागी वास्तविक समय में जटिल साइबर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करके अपनी विशेषज्ञता साबित कर सकेंगे।

यह बैचलर्स इन साइबर सिक्योरिटी कोर्स खासतौर पर उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है जो साइबर सुरक्षा क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं तथा इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। कोरोना महामारी और डिजिटल युग में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए, IIT-K का यह कदम भारत में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उनमें कौशल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अग्रवाल ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल तकनीकी ज्ञान देना है बल्कि छात्रों को नैतिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से प्रशिक्षित करना है ताकि वे भविष्य में साइबर संकटों से निपटने में सक्षम हो सकें। साथ ही, संस्थान इस कोर्स के माध्यम से उद्योग की मांगों को भी पूरा करने का प्रयास कर रहा है ताकि प्रशिक्षित छात्र नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।

इस नए प्रवेश मॉडल के तहत, इच्छुक छात्र एक निर्धारित अवधि के हैकाथॉन में भाग लेंगे, जहां विभिन्न स्तरों पर उनकी कौशल जांची जाएगी। सफल प्रतिभागियों को IIT-K में साइबर सुरक्षा में स्नातक अध्ययन के लिए प्रवेश मिलेगा। यह प्रक्रिया पारंपरिक पेपर-आधारित परीक्षा के मुकाबले अधिक व्यावहारिक और तकनीकी परीक्षा पर केंद्रित होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल न केवल तकनीकी शिक्षा के स्वरूप को बदलेगी बल्कि छात्रों को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी करियर मार्ग प्रदान करेगी। साथ ही, यह भारत को वैश्विक साइबर सुरक्षा मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने में मदद करेगी।

अंत में, IIT-K के इस नए बैचलर प्रोग्राम के माध्यम से देश भर के युवा प्रतिभागी अपनी तकनीकी दक्षताओं को विकसित करने और जटिल साइबर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रेरित होंगे। ऐसे प्रयास निश्चित ही साइबर सुरक्षा क्षेत्र में भारतीय युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगे।

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