वॉशिंगटन: अमेरिकी कांग्रेस ने इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इनफोर्समेंट (ICE) और बॉर्डर पेट्रोल के लिए 70 बिलियन डॉलर के फंडिंग बिल को मंजूरी दे दी है। यह बिल पहले अमेरिकी सीनेट में पास हुआ था, जिसके बाद अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने भी इसे मंजूरी दे दी। यह फ़ैसला कई राजनीतिक मतभेदों और विपक्ष के बावजूद पारित हुआ है।
ज्ञात हो कि इस बिल के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य थे, जो एजेंटों की कृतियों को लेकर गंभीर चिंतित हैं और साथ ही प्रवासन सुधारों के अभाव को लेकर असंतुष्ट रहे। डेमोक्रेट्स ने इस फंडिंग बिल में कई सुधार प्रस्तावित किए थे, लेकिन वह कोई भी आवश्यक बदलाव लागू नहीं हो सके क्योंकि रिपब्लिकन सदस्यों ने एक विशेष प्रक्रिया का उपयोग करते हुए विपक्ष को दरकिनार कर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बिल के जरिए ICE और बॉर्डर पेट्रोल एजेंसियों को अब अगले वित्तीय वर्ष के लिए आवश्यक संसाधन मिलेंगे। इन एजेंसियों का काम अमेरिका के सीमाओं की सुरक्षा करना और अवैध प्रवास को रोकना शामिल है। हालांकि डेमोक्रेट्स का तर्क है कि अधिक फंडिंग के बावजूद एजेंसियों के व्यवहार में सुधार नहीं होगा और इसे मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से गंभीर सवालों के रूप में देखा जाना चाहिए।
रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि सीमा सुरक्षा अमेरिका की प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराना जरूरी है। उनका तर्क है कि बेहतर फंडिंग से अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी और देश की सुरक्षा बेहतर होगी।
विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय आगामी चुनावों के राजनीतिक माहौल पर भी प्रभाव डाल सकता है। इस बिल के पास होने के बाद भी डेमोक्रेट्स के अंदर विवाद जारी रहेगा, खासकर जब बात प्रवासन नीति सुधार की हो।
इस फंडिंग बिल के साथ सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सीमा सुरक्षा एजेंसियों को मौजूदा अवस्था में मजबूत करना उनका मकसद है, लेकिन साथ ही उन्हें ऐसे सुधार भी लागू करने की जरूरत है जिससे एजेंटों के कृत्यों पर अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। फिलहाल डेमोक्रेटिक विपक्ष के विरोध के बावजूद इस बिल को मंजूरी मिलने से ICE और बॉर्डर पेट्रोल की वित्तीय मदद सुनिश्चित हो गई है।














