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सीएम ओमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर की राज्यhood बहाली के लिए भारत ब्लॉक का समर्थन मांगा

CM Omar Abdullah seeks INDIA bloc’s support for J&K Statehood restoration

जम्मू और कश्मीर, 27 अप्रैल। पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता ओमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर की राज्यhood बहाली के लिए भारत ब्लॉक का समर्थन मांगते हुए जोरदार अपील की है। उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा दिया जाना जरूरी है ताकि वहां के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकार मिल सकें और क्षेत्र की विकास की राह आसान हो।

2019 में, केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों – जम्मू और कश्मीर तथा लाल अकड़ा लद्दाख – में विभाजित कर दिया था। इस फैसले से पहले जम्मू और कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत अलग-अलग अधिकार प्राप्त थे।

अधिकारिक रूप से राज्यhood का दर्जा खत्म किए जाने के बाद से इस क्षेत्र में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव में वृद्धि देखी गई है। स्थानीय राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता भी राज्यhood की पुनर्स्थापना की मांग कर रहे हैं। ओमर अब्दुल्ला ने इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी गौर किया, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्यhood की जल्दी बहाली का आह्वान किया है।

ओमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य जम्मू और कश्मीर के लोगों के हितों की रक्षा करना है। राज्यhood बहाली से न केवल प्रशासनिक रूप से क्षेत्र को अधिक स्वायत्तता मिलेगी, बल्कि यह विकास को भी गति देगा। भारत ब्लॉक सहित सभी राजनीतिक ताकतों का सहयोग आवश्यक है ताकि इस मुद्दे को संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत सुलझाया जा सके।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि राज्यhood बहाली से जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आ सकता है, जिससे सुरक्षा स्थिति में सुधार आएगा और विकास परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी आएगी। इसके अलावा, राज्यhood मिलने से केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जो कि क्षेत्र के लिए लाभकारी होगा।

जम्मू और कश्मीर के नागरिकों के बीच भी अब एक उम्मीद जगी है कि जल्द ही वे अपने राज्य के लोकतांत्रिक अधिकार वापस पा सकेंगे, जिसकी वे पुरजोर मांग कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले विधानसभा चुनाव इस दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ साबित होंगे।

इस बीच, केंद्र सरकार का कहना है कि जम्मू और कश्मीर में स्थिरता और विकास के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं, और संविधान के तहत उचित समय पर स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की भी नजर इस मामले पर बनी हुई है और वह समय-समय पर मामले की समीक्षा करती रहेगी।

समाप्त करते हुए, ओमर अब्दुल्ला ने सभी राजनीतिक दलों और केंद्रीय नेतृत्व से इस प्रस्तावित राज्यhood बहाली को लेकर एकजुटता और समर्थन की अपील की है। उनका मानना है कि जम्मू और कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना भारतीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है।

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