उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर


06.01.2026
लोकशन – रायपुर
रिपोर्टर – मज़हर इक़बाल
दो वर्षों में राजस्व व्यवस्था का ऐतिहासिक कायाकल्प : मंत्री टांकराम वर्मा
Press Confrence taken by Minister Verma: राज्य के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं संबंधित विभागों द्वारा बीते दो वर्षों में पारदर्शी, तकनीक-आधारित एवं जनहितैषी प्रशासन की दिशा में अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। मंत्री टांकराम वर्मा द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में इन उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
Press Confrence taken by Minister Verma: जिसका सार इस प्रकार है-
1. भूमि अभिलेखों का आधुनिकीकरण एवं डिजिटलीकरण
Press Confrence taken by Minister Verma: एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत जियो-रेफ्रेंसिंग, फार्मर रजिस्ट्रेशन एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की शुरुआत की गई है। पटवारी नक्शों की जियो-रेफ्रेंसिंग हेतु ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भू-नक्शों को जियो-रेफ्रेंस कर प्रत्येक भूखंड को यूएल-पिन (ULPIN) प्रदान करते हुए भू-आधार कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे भूमि स्वामित्व में पारदर्शिता एवं विवादों में कमी आएगी।
2. शहरी क्षेत्रों में नक्शा प्रोग्राम
दिनांक 18.02.2025 से राज्य के तीन नगरीय निकाय—धमतरी, जगदलपुर एवं अंबिकापुर—में शहरी भूमि अभिलेखों के अद्यतीकरण हेतु नक्शा प्रोग्राम के अंतर्गत सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है।
3. सर्वे-रिसर्वे योजना (ग्रामीण एवं नगरीय)
Press Confrence taken by Minister Verma: ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक DGPS एवं Rovers के माध्यम से सर्वे-रिसर्वे शुरू किया गया है। नगरीय क्षेत्रों के ग्रामों में चांदा-मुनारा कार्य हेतु ₹16 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शहरी क्षेत्रों में 1:1500 स्केल पर नवीन सर्वेक्षण से छोटे भूखंडों को भी सटीक रूप से भू-नक्शे पर दर्ज किया जा सकेगा।
4. भूमि व्यपवर्तन में सरलीकरण
Press Confrence taken by Minister Verma: भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं ऑटो-डाइवर्जन के माध्यम से सरल किया जा रहा है। इस सुधार हेतु ₹2 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी।
5. स्व-नामांतरण की शुरुआत
नागरिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्व-नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, जिससे नामांतरण शीघ्र एवं सरल होगा।
6. भू-अर्जन में अनियमितताओं पर रोक
भू-अर्जन के दौरान छोटे टुकड़े कर अनाधिकृत लाभ लेकर अधिक मुआवजा प्राप्त करने पर रोक लगाई गई है। परियोजना हेतु आशय पत्र प्राप्त होते ही संबंधित भूमि के विक्रय/विनिमय/बंटवारे पर प्रतिबंध लागू होगा, जिससे शासन को आर्थिक क्षति से बचाया जा सकेगा।
7. पूर्व सरकार द्वारा विक्रय की गई सरकारी जमीनों की जांच
Press Confrence taken by Minister Verma: पूर्व सरकार द्वारा बेची गई सरकारी जमीनों की जांच सतत जारी है।
8. राजस्व न्यायालयों का सुदृढ़ीकरण
रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग में राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना की जा रही है। इसके लिए तहसीलदार के 30 एवं नायब तहसीलदार के 15 नवीन पद सृजित किए गए हैं। मुंगेली (चकरभाठा) एवं बिलासपुर (सकर्रा, तखतपुर) में उप-तहसील कार्यालय प्रारंभ किए गए हैं। नवा रायपुर में नवीन तहसील स्थापना को स्वीकृति मिली है। नवगठित कार्यालय भवनों हेतु ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
9. भू-अभिलेखों का सिविल न्यायालयों से लिंक
भूमि संबंधी मामलों में सिविल न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन हेतु भू-अभिलेखों को ऑनलाइन लिंक किया जाएगा, जिससे सुधार प्रक्रिया तेज होगी।
10. त्रुटि सुधार का प्रत्यायोजन
Press Confrence taken by Minister Verma: राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार का अधिकार अब तहसीलदारों को भी प्रत्यायोजित किया गया है, जिससे आमजन को त्वरित सुविधा मिलेगी।
11. लोक सेवा गारंटी में समय-सीमा में कमी
सेवाओं की समय-सीमा घटाई गई है ताकि नागरिकों के कार्य कम समय में पूरे हों।
12. अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण
अवैध कॉलोनियों पर रोक हेतु 5 डिसमिल से कम भूमि विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
13. छत्तीसगढ़ जन आवास योजना
2 से 10 एकड़ भूमि तक TNC से पंजीयन कर छोटे प्लॉट विक्रय की अनुमति दी गई है।
14. हाउसिंग बोर्ड को भूमि आबंटन
राज्य शासन द्वारा आबंटित भूमि को हाउसिंग बोर्ड को प्रदाय किया गया है।
15. कॉलोनी/अपार्टमेंट की सामुदायिक भूमि
निर्मित सड़क, गार्डन, सामुदायिक भवन सहित शेष अनुशांगिक भूमि को संयुक्त नाम पर दर्ज करने की व्यवस्था की गई है।
16. स्वामित्व कार्ड वितरण
Press Confrence taken by Minister Verma: लगभग 80,000 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं।
17. शहरी भूमिहीनों हेतु पट्टा
छत्तीसगढ़ पट्टाधृति अधिकार नियम के तहत शहरी क्षेत्रों में स्थायी/अस्थायी पट्टा देने की तैयारी की जा रही है।
18. कृषि एवं श्रमिक कल्याण
दीनदयाल उपाध्याय कृषि कल्याण हेतु ₹562 करोड़ का प्रावधान। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना अंतर्गत पंजीकृत किसानों को ₹10,000 वार्षिक सहायता।
19. तहसील कार्यालयों का डिजिटलीकरण
Press Confrence taken by Minister Verma: सभी तहसील कार्यालयों में कंप्यूटर, प्रिंटर आदि हेतु ₹115 करोड़ का प्रावधान।
20–26. आपदा प्रबंधन एवं प्रशासन
अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर: ₹100 करोड़
राज्य आपदा न्यूनीकरण मद: ₹77 करोड़
राज्य आपदा मोचन निधि (2024–25): ₹533.60 करोड़
राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि: ₹50 करोड़
राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि: ₹133.40 करोड़
निर्देशन व प्रशासन: ₹3.26 करोड़
आपदा विश्लेषण एवं योजना: ₹58 लाख
प्रमुख समस्याएं एवं चुनौतियां
1. मानव संसाधन की कमी
राजस्व निरीक्षक: 1090 स्वीकृत, 697 भरे, 393 रिक्त
पटवारी: 5792 स्वीकृत, 4881 भरे, 911 रिक्त
लिपिकीय एवं चतुर्थ श्रेणी: 6752 स्वीकृत, 3871 भरे, 2881 रिक्त
2. प्रशिक्षण एवं आवास
Press Confrence taken by Minister Verma: राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी प्रशिक्षण शालाओं में आवासीय छात्रावास की व्यवस्था आवश्यक है।
3. न्यायिक एवं निर्वाचन दायित्वों का दबाव
Press Confrence taken by Minister Verma: पीठासीन अधिकारी, प्रोटोकॉल, कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं निर्वाचन कार्यों में संसाधनों की कमी के कारण राजस्व प्रकरणों की लंबित संख्या अधिक है।
मंत्री टांकराम वर्मा ने कहा कि शासन ने बीते दो वर्षों में राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। शेष चुनौतियों के समाधान हेतु भर्ती, प्रशिक्षण एवं संसाधन सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया सतत जारी रहेगी।















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